पुण्यतिथि पर याद किये गये चंद्रशेखर आजाद

प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर में शुक्रवार को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नायक महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की 95वीं पुण्यतिथि विद्यालय के बाल संसद के तत्वावधान में मनायी गयी

बड़हिया. प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोला दरियापुर में शुक्रवार को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नायक महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की 95वीं पुण्यतिथि विद्यालय के बाल संसद के तत्वावधान में मनायी गयी. विद्यालय के प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा व बाल संसद की प्रधानमंत्री शबनम कुमारी की देखरेख में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सभी शिक्षिकाओं व छात्र-छात्राओं ने चंद्रशेखर आजाद के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित किया. प्रधान शिक्षक पीयूष कुमार झा ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी थे. असहयोग आंदोलन के दौरान ये गिरफ्तार हुए थे तब मजिस्ट्रेट के सामने इन्होंने अपना नाम आजाद, पिता का नाम स्वाधीनता तथा अपना घर कारागार बताया था. इनको 15 बेंत मारने की सजा सुनायी गयी. इसके बाद इन्होंने शपथ ली कि वे अब कभी अंग्रेजो की गिरफ्त में नहीं आयेंगे. 27 फरवरी 1931 को प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से मुठभेड़ करने वक्त इन्होंने अंतिम गोली स्वयं को मारकर ये मां भारती की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इनका वास्तविक नाम चंद्रशेखर तिवारी था, लेकिन इनके हमेशा आजाद रहने की प्रतिज्ञा के कारण ये चंद्रशेखर आजाद के नाम से विख्यात हुए. कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के सामूहिक गान व जयघोष से हुआ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >