Bihar के लाल को अमेरिका में मिला 2.5 करोड़ का पैकेज, एक लड़की ने दी थी मोटिवेशन

Bihar:  बिहार के लखीसराय के रहने वाले अतुल आनंद को अमेरिका में 2.5 करोड़ का पैकेज मिला है. अतुल आनंद ने चेन्नई से बी.टेक और कोलोराडो यूनिवर्सिटी से एमएस किया है.

Bihar: बिहार भारत का एक ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. यहां के युवा रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं. वहां जाकर मेहनत करते हैं और अपना नाम बनाते हैं. बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है. यहां की धरती से आईएएस, आईपीएस, बिजनेस मैन और कलाकार भर-भर के आते हैं. जिस क्षेत्र में बिहारी जाते हैं अपनी मेहनत से परचम लहराते हैं. इस खबर में हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जिसने बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर अमेरिका में  अपनी सफलता के झंडे गाड़े हैं. उन्हें एक अमेरिकन कंपनी ने ढाई करोड़ का पैकेज दिया है.

कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं अतुल आनंद

बिहार के लखीसराय जिले के अरमा गांव के अतुल आनंद को ढाई करोड़ का पैकेज मिला है. अतुल को अमेरिकन लुमेन टेक्नोलॉजी कंपनी ने 2.5 करोड़ रुपए का पैकेज दिया है. उन्होंने बताया कि पहले तीन महीने उन्हें 70 लाख के पैकेज पर ट्रेनिंग करनी होगी.  इसके बाद उन्हें 2.5 करोड़ सालाना का पैकेज मिलेगा. अतुल आनंद को 2018 से अमेरिकी कंपनी सिस्को में 25 लाख रुपए सालाना पैकेज पर काम कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई पुरस्कार प्राप्त किये.

बक्सर में की प्रारंभिक पढ़ाई

अतुल आनंद की प्रारंभिक पढ़ाई बक्सर हुई. उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर 2012 में 94 प्रतिशत अंकों के साथ मैट्रिक की परीक्षा पास की. इसके बाद अतुल ने साल 2014 में भागलपुर के एक कॉलेज से इंटरमीडिएट किया. इसके बाद अतुल आनंद हायर एजुकेशन के लिए चेन्नई चले गए. फिर अतुल आनंद एमएस की पढ़ाई के लिए कोलोराडो यूनिवर्सिटी चले गए. यहां पढ़ाई के दौरान उन्हें आंध्र प्रदेश की एक लड़की ने मोटिवेशन दिया. इसी वजह से उन्होंने अमेरिका जाकर पढ़ाई की और करियर बनाने का सपना पूरा किया. पढ़ाई कम्पलीट करते ही अतुल आनंद कैंपस सेलेक्शन के जरिए 10 लाख सालाना के पैकेज पर नौकरी मिली.

काफी शिक्षित परिवार से आते हैं अतुल आनंद

अतुल आनंद काफी शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इस वजह से घर में पढ़ाई का माहौल बना रहा. अतुल आनंद के पिता राजीव कुमार सिंह टीचर हैं. उनकी मां रिंकू कुमारी आंगनबाड़ी सेविका हैं. उनके चाचा भी स्कूल के हेडमास्टर हैं, और चाची शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति से सम्मान पा चुकी हैं. अतुल आनंद के छोटे भाई केशव आनंद भी बेंगलुरु में एक कंपनी में 10 लाख के पैकेज नौकरी कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: Khan Sir: खान सर की कैसी है तबीयत, हेल्थ पर आया बड़ा अपडेट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >