लखीसराय, बड़हिया. इंद्रपुरी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंगा एक बार फिर उफान पर है. बुधवार को बड़हिया में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई. सुबह से शाम तक नदी का पानी तेजी से बढ़ता रहा. गंगा घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं और पानी ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है. पहली बाढ़ की लहर के बाद गंगा का जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन दोबारा जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है.
खुटहा की कच्ची सड़क पर चढ़ा पानी, आवागमन बाधित
गंगा का पानी खुटहा की ओर जाने वाली कच्ची सड़क पर चढ़ गया है. कई स्थानों पर सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे सड़क जलमग्न हो गई है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. वार्ड संख्या 6 और 7 के निचले हिस्सों में भी तेजी से पानी घुसने लगा है. वहीं श्याम किशोरी ठाकुरबाड़ी की ओर जाने वाले रास्ते पर भी करीब दो से तीन फीट पानी जमा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है.
घाटों की सीढ़ियां डूबीं, ऊपरी चबूतरे तक पहुंचा पानी
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बड़हिया के विभिन्न घाटों पर हलचल बढ़ गई है. घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं और पानी धीरे-धीरे घाटों के ऊपरी चबूतरे तक पहुंच रहा है. स्थानीय लोगों को गंगा घाटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए लोग नदी के किनारे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
टाल क्षेत्र में बैकवॉटर पहुंचने से किसानों में जगी उम्मीद
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर टाल क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है. बैकवॉटर के कारण टाल में पानी पहुंचने लगा है. लंबे समय से टाल के पर्याप्त रूप से डूबने का इंतजार कर रहे किसानों में इससे राहत और उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त मात्रा में पानी टाल क्षेत्र तक पहुंचता है तो खेतों में नमी बढ़ेगी. इसका सीधा लाभ आगामी रबी फसलों की खेती को मिल सकता है.
इंद्रपुरी बैराज से 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी
विभागीय जानकारी के अनुसार इंद्रपुरी बैराज से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका असर अब गंगा के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है. यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो बड़हिया के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है. फिलहाल स्थानीय लोग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर निगरानी रखे जाने की उम्मीद है.
