कजरा(लखीसराय). लगातार हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं कजरा की आशा कार्यकर्त्ता का दर्द भी सामने आया है. सोमवार को कजरा क्षेत्र की दर्जनों आशा कार्यकर्त्ता ढाई फीट पानी को चीरते हुए लखीसराय के लिए रवाना हुईं. वे बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं. बारिश के कारण कजरा बाजार समेत आसपास के इलाकों में जलजमाव की स्थिति है. इसके बावजूद आशा हिम्मत नहीं हारीं और घुटने भर पानी में पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचीं. इस दौरान कई आशा के कपड़े भीग गये. आशा ने कहा कि मजबूरी में उन्हें इस हालत में धरना में जाना पड़ रहा है.
करीब एक साल से नहीं मिला मानदेय
धरने में शामिल होने जा रही आशा ने बताया कि करीब एक साल से उन्हें मानदेय नहीं मिला है. इससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं का संचालन नियमित रूप से कर रही हैं, फिर भी समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है. कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई. आशा ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान और नियमित भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने सरकार से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है.
अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहीं आशा
वहीं, बारिश और जलजमाव के बीच धरने के लिए जाती आशा का यह दृश्य चर्चा का विषय बना रहा. स्थानीय लोगों ने कहा कि एक तरफ यह तस्वीर बारिश से बिगड़ी व्यवस्था की पोल खोल रही है, तो दूसरी तरफ अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही आशा की मजबूरी भी बयां कर रही है.
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