सूर्यगढ़ा. बिहार राज्य आशा संघ के बैनर तले शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी) परिसर में आशा कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. प्रोत्साहन राशि के भुगतान में हो रही देरी और प्रशासनिक अनियमितता के खिलाफ आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने विभाग और स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की.
आदेश के बावजूद भुगतान नहीं, 60 लाख के खर्च पर सवाल
धरना को संबोधित करते हुए महासंघ के महामंत्री विकास कुमार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि दिसंबर 2025 तक की बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान पहले किया जाए. आरोप है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वाईके दिवाकर ने इस निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए करीब 60 लाख रुपये की राशि अन्य मदों में खर्च कर दी. महामंत्री ने इसे खेदजनक बताते हुए इसे सीधे तौर पर आशा कार्यकर्ताओं के हक पर डाका करार दिया.
प्रभारी की कार्यशैली की कड़ी आलोचना
धरना के दौरान जिला संयोजक नागेश्वर यादव सहित अनिता देवी, आशा सिन्हा और अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिन-रात स्वास्थ्य सेवा देने वाली महिलाओं को उनके मानदेय से वंचित रखना अन्याय है. उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की कार्यशैली को भेदभावपूर्ण बताया और चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा.
प्रभारी बोले- आरोप बेबुनियाद, तकनीकी कारणों से रुकी राशि
इधर, आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वाईके दिवाकर ने सभी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही नियमानुसार राशि का व्यय किया गया है. आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में देरी के पीछे कुछ तकनीकी त्रुटियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इसे सुलझा लिया जाएगा.
इस दौरान नागेश्वर यादव, अनिता देवी, आशा सिन्हा, राधा देवी, मीरा कुमारी, मालती कुमारी, निशा कुमारी, नवनीत किरण, जयमाला देवी समेत दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
