50 से अधिक बार रक्तदान: अभिजीत आनंद ने दिया मानवता का संदेश
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर बड़हिया के समाजसेवी एवं स्वास्थ्यकर्मी अभिजीत आनंद ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की. 50 से अधिक बार रक्तदान कर चुके अभिजीत ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है, जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है.
‘रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं’ इसी संदेश के साथ विश्व रक्तदाता दिवस पर बड़हिया के स्वास्थ्यकर्मी व समाजसेवी अभिजीत आनंद ने लोगों से रक्तदान की अपील की है. 50 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके अभिजीत आनंद जिले में रक्तदान के ब्रांड एंबेसडर बन गये हैं.
साल में चार बार रक्तदान का संकल्प
पिछले कई वर्षों से अभिजीत आनंद नियमित रक्तदान कर रहे हैं. उन्होंने साल में चार बार रक्तदान करने का संकल्प ले रखा है, जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं. खास बात यह है कि वे जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसरों को भी रक्तदान से जोड़ते हैं. कुछ दिन पहले ही अपने पुत्र के जन्मदिन पर उन्होंने एक कैंसर पीड़ित मरीज को रक्तदान कर नयी जिंदगी दी.
रक्तदान को मानते हैं ””महादान””
अभिजीत आनंद कहते हैं, ‘रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है. यह सीधे किसी की सांसें लौटाने का काम है. एक यूनिट खून जीवन और मृत्यु के बीच की दीवार तोड़ सकता है’. चिकित्सकों के मुताबिक एक यूनिट रक्त से थैलेसीमिया, कैंसर और दुर्घटना के 3-4 मरीजों की मदद हो सकती है.
सम्मान से बढ़ा युवाओं का हौसला
लगातार रक्तदान और समाज सेवा के लिए अभिजीत को सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं ने कई बार सम्मानित किया है. वरीय पदाधिकारियों के हाथों सम्मान पाने के बाद बड़हिया व आसपास के युवाओं में रक्तदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. उनके प्रयासों से अब तक दर्जनों जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा चुकी है.
युवाओं से भावुक अपील
विश्व रक्तदाता दिवस पर अभिजीत आनंद ने कहा, ‘जब हमें पता है कि आखिरी मंजिल मौत है, तो क्यों न जीते जी किसी के लिए उम्मीद बन जायें’. उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नजदीकी ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करने और अपने दोस्तों-परिवार को भी प्रेरित करने का आग्रह किया.
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