लखीसराय में मां भगवती दरबार, जहां हर मन्नत पूरी होने की है मान्यता

Aaj Ka Darshan: लखीसराय में 151 फीट ऊंचा बन रहा है मां भगवती मंदिर, दूर-दराज से उमड़ रहे श्रद्धालु

Aaj Ka Darshan: पीरीबाजार(लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट. लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित Maa Bhagwati Sthan Benipur इन दिनों श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है. लगभग 200 वर्ष पुराने इस प्रसिद्ध मंदिर में हर दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. खासकर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को यहां ‘बैरागन’ के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिलता है.

स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के जिलों से भी हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं. भक्तों का मानना है कि मां भगवती के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

भभूति और नीर से संकट दूर होने की मान्यता

बेनीपुर स्थित मां भगवती मंदिर की सबसे खास पहचान यहां से जुड़ी लोक आस्था है. क्षेत्रीय लोगों का विश्वास है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप या किसी विषैले जीव ने काट लिया हो, तो मंदिर की पवित्र भभूति और नीर के स्पर्श से उसे राहत मिलती है.

इसी आस्था के कारण यहां पूरे साल पीड़ितों और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. लोगों का कहना है कि मां भगवती अपने भक्तों को हर संकट से बचाती हैं और उनकी रक्षा करती हैं.

151 फीट ऊंचे मंदिर का निर्माण बना आकर्षण

मंदिर परिसर में इन दिनों भव्य नए मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. पुराने मंदिर की जगह अब 151 फीट ऊंचा विशाल मंदिर बनाया जा रहा है, जो पूरा होने के बाद इलाके के सबसे ऊंचे और आकर्षक धार्मिक स्थलों में शामिल होगा.

मंदिर की नक्काशी और भव्य संरचना को लेकर लोगों में अभी से खास उत्साह है. श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मंदिर आने वाले समय में बिहार का बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनेगा.

नवरात्रि और नागपंचमी में लगता है भक्ति का मेला

मंदिर में नागपंचमी और दुर्गा पूजा के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है.

माता की ‘श्रृंगारी पूजा’ देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, पूजा और आराधना का दौर चलता रहता है.

ऐसे पहुंच सकते हैं मां भगवती दरबार

यह मंदिर Railway Station से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. श्रद्धालु ई-रिक्शा या पैदल आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं. मंदिर कजरा-धरहरा मार्ग पर कसबा पंचायत में स्थित है, जिससे यहां आवागमन भी सुविधाजनक है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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