Aaj Ka Darshan: पीरीबाजार (लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट. बाबा अभयनाथ मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है. पीरी बाजार क्षेत्र के अभयपुर के निकट ऊंची पहाड़ियों पर स्थित यह प्राचीन मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है.
स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा अभयनाथ भगवान शिव का ही स्वरूप हैं और यहां आने वाले भक्तों को भयमुक्त होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
कठिन चढ़ाई के बाद मिलता है दिव्य सुकून
अभयपुर रेलवे स्टेशन से करीब चार किलोमीटर दूर और मसूदन रेलवे स्टेशन के पास स्थित यह मंदिर पहाड़ी की चोटी पर बना हुआ है. मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन जैसे ही भक्त मंदिर परिसर में पहुंचते हैं, उन्हें अलग ही आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है.
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल से ही इस पहाड़ी पर साधु-संतों का निवास रहा है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा अभयनाथ के दरबार में माथा टेकने से मन का भय समाप्त हो जाता है और व्यक्ति को ‘अभय’ होने का वरदान मिलता है. इसी मान्यता के कारण इस मंदिर का नाम बाबा अभयनाथ पड़ा.
रामनवमी पर उमड़ती है हजारों श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन रामनवमी के अवसर पर यहां का दृश्य बेहद भव्य हो जाता है. हजारों की संख्या में भक्त पहाड़ी पर चढ़कर बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं. पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठता है.
शिवभक्ति के साथ-साथ यहां की प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है. यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक पर्यटन के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है.
मंदिर विकास की उठ रही मांग
स्थानीय लोग लंबे समय से बाबा अभयनाथ मंदिर तक सीढ़ी निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. वर्ष 2025 से इस मांग को लेकर आवाज और तेज हुई है. हाल ही में जिला उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने भी स्थल का निरीक्षण किया था, जिससे लोगों को विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है.
