सुरक्षित मातृत्व आश्वासन : माताओं व शिशुओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

सदर अस्पताल के सभागार में “सुरक्षित मातृत्व आश्वासन” कार्यक्रम को लेकर सिविल सर्जन-सह-सचिव जिला स्वास्थ्य समिति डॉ उमेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

माता-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सुरक्षित मातृत्व आश्वासन की शुरुआत

“सुरक्षित मातृत्व आश्वासन” कार्यक्रम को लेकर सदर अस्पताल में कार्यशाला आयोजित

लखीसराय

सदर अस्पताल के सभागार में “सुरक्षित मातृत्व आश्वासन” कार्यक्रम को लेकर सिविल सर्जन-सह-सचिव जिला स्वास्थ्य समिति डॉ उमेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के प्रारंभ में सीएस ने बताया कि महिला और शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना की शुरुआत की है. यह पहल गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं और नवजात शिशुओं को निशुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है. बैठक में उपस्थित प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-सह-जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एके भारती ने बताया गया कि सुमन योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव के छह महीने बाद तक बिना किसी खर्च के उपचार की सुविधा मिलती है. योजना के अंतर्गत पीएमएसएमए कार्यक्रम के तहत पहली तिमाही में चार प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सुनिश्चित की जाती है. सरकारी अस्पतालों में निशुल्क प्रसव, सी-सेक्शन सेवा, दवाइयां, परीक्षण, रक्त की उपलब्धता तथा प्रसव के दौरान व बाद में सम्मानजनक देखभाल पर विशेष जोर दिया गया है. इसके साथ ही बीमार नवजात शिशुओं को भी शून्य लागत पर इलाज और टीकाकरण सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

गर्भवती महिला को सरकार की स्वास्थ्य सेवा देने से नहीं कर सकते इंकार

जिला योजना समन्वयक सुनील कुमार शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व आश्वासन अंतर्गत संचालित योजना के संबंध में विस्तार से बताया. उन्होंने विभिन्न विभागों से आये पदाधिकारी को बताया कि क्षेत्र पर स्तर स्वयं सहायता समूह की महिला के माध्यम से इस योजना के संबंध में जागरूक करें. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी को बताया गया कि कोई भी गर्भवती महिला को सरकार की स्वास्थ्य सेवा देने से इंकार नहीं किया जा सकता है. अस्पताल में प्रदान की जा रही सेवा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए सभी लाभार्थी को सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराया जाय. योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता निशुल्क परिवहन सुविधा है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को घर से स्वास्थ्य केंद्र तक लाने और छुट्टी के बाद वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाती है. सरकार का कहना है कि सुमन योजना का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गर्भवती महिला या शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे और मातृ-शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लायी जा सके. बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जीविका) सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, सभी बाल विकास योजना के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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