नौ मार्च को होंगे उपस्थित
लखीसराय : जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी लखीसराय व लखीसराय थानाध्यक्ष को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय दीपक कुमार ने दिनांक 9.3.2017 को न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर विविध वाद संख्या 1/17 में कारणपृक्षा समर्पित करने का निर्देश दिया है. ज्ञात हो कि आपराधिक वाद संख्या 1 /17 की सुनवाई पश्चात न्यायालय द्वारा अपने कार्यालय के पत्रांक 110 दिनांक 02.03.17 के द्वारा थानाध्यक्ष लखीसराय से प्रतिवेदन कि मांग की गयी थी. जिसके आलोक में थानाध्यक्ष ने दिनांक 02.03.17 को अपने ज्ञापांक 436/17 के माध्यम से न्यायालय में प्रतिवेदन समर्पित किया.
जिसका न्यायालय द्वारा अवलोकन किये जाने के बाद प्रतिवेदन को अपूर्ण व मिथ्या पाया गया. थानाध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि जब्त गाड़ी का दोबारा तौल कराने का निर्देश दिया गया है जबकि परिवहन पदाधिकारी लखीसराय ने अपने पत्र में लिखा है कि परिवहन विभाग के कर्मचारी अरुण कुमार के गाड़ी को तौलवाने के लिए थाना पहुंचने पर उन्हें थाना से वैरंग वापस कर दिया गया, जबकि थाना दैनिक पंजी में गाड़ी का दोबारा तौल करवाने का निर्देश अंकित है.
न्यायालय ने कहा कि स्टेशन डायरी के अवलोकन से यह भी प्रतीत होता है कि गाड़ी संख्या बी आर 01 जी ऐ 3185 को चार बजे शुबह को थाना पर लाकर रखा गया तथा 11 बजे धर्मकांटा पर तौल कराया गया. गाड़ी को चालक के साथ थाना पर लाने का जिक्र है लेकिन चालक का क्या हुआ थाना से कैसे छूटा कोई जिक्र नहीं है. नया बालू लदा होने का जिक्र भी है लेकिन वह वैध है या नहीं कोई जानकारी नहीं दी गयी है और न ही गाड़ी को नियमानुसार जब्त किया गया और न ही मुकदमा किया गया. परिवहन पदाधिकारी ने अपने जांच में कहा है कि मौखिक रूप से जुर्माना सुनाया गया था लेकिन गाड़ी मालिक जुर्माना जमा नहीं किया. न्यायालय ने अस्पष्ट प्रतिवेदन पर सभी उक्त अधिकारी को दिनांक 09.03.17 को न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर कारणपृक्षा समर्पित करने का आदेश दिया है. न्यायालय के अनुसार टाउन थानाध्यक्ष द्वारा अपने पत्रांक 2947 दिनांक 21.12.16 के माध्यम से परिवहन पदाधिकारी एवं खनन पदाधिकारी को इस संदर्भ में सूचित भी किया गया था लेकिन दोनों पदाधिकारियों द्वारा इस संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गयी़
