सूर्यगढ़ा : बदलते मौसम में असावधानी के कारण लोग सर्दी, खांसी, बुखार आदि से ग्रसित हो रहे हैं. इस मौसम में बच्चों के कोल्ड डायरिया की जद में आने की प्रबल संभावना होती है. अगर आपका मासूम बच्चा सुस्त पड़ा रहता है उसे उलटी के बाद पतला दस्त हो रहा है तो सावधान हो जाइये, आपके मासूम की सेहत खतरे में है. इसके पहले कि उसकी हालत गंभीर हो, आप चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें. चिकित्सक डॉ उपेंद्र सिंह कहते हैं अगर बीमारी ने बच्चे को बुरी तरह जकड़ लिया तो बच्चे को शॉक लग सकता है
और उसकी किडनी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. बदलते मौसम (सर्दी से गरमी) में लोग सतर्कता नहीं बरतने की वजह से बीमार हो रहे हैं. मौसम में लगातार परिवर्तन के कारण बीमार होने का खतरा बढ़ गया है. निमोनिया के साथ कोल्ड डायरिया की भी परेशानी बच्चों को होती है. चिकित्सक के मुताबिक ऐहतियात बरतने पर कोल्ड डायरिया का प्रभाव से काफी हद तक बचा जा सकता है. इसके लिए बच्चे को जन्म से छह माह के भीतर रोटा वाइरस का टीका लगवाना आवश्यक है. बच्चों में कोल्ड डायरिया की शिकायत रोटा वाइरस के इंफेक्शन के कारण होता है. बदलते मौसम में रोटा वाइरस ज्यादा सक्रिय होता है जिससे बच्चा आसानी से इसकी गिरफ्त में आ जाता है.
