अबतक नहीं मिली फसल क्षतिपूर्ति की राशि

इलाके के किसान परेशान लखीसराय : जिले के किसानों को सरकार द्वारा फसल क्षतिपूर्ति को लेकर कोई राहत नहीं दी गयी है. चार माह के बाद भी किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिलने के कारण मायूसी छा गयी है. जिले के बड़हिया, सूर्यगढ़ा व लखीसराय के किसानों का कहना है कि फसल क्षति पूर्ति को लेकर […]

इलाके के किसान परेशान

लखीसराय : जिले के किसानों को सरकार द्वारा फसल क्षतिपूर्ति को लेकर कोई राहत नहीं दी गयी है. चार माह के बाद भी किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिलने के कारण मायूसी छा गयी है. जिले के बड़हिया, सूर्यगढ़ा व लखीसराय के किसानों का कहना है कि फसल क्षति पूर्ति को लेकर नये वित्तीय वर्ष का राजस्व रसीद के साथ किसानों को एलपीसी जमा करने पर उनके बैंक खाता पर क्षतिपूर्ति की राशि भेज दी जायेगी. लेकिन दो महीने पूर्व ही तीनों अंचलों मे सैकड़ों किसानों द्वारा नये वित्तीय वर्ष का रसीद कटा कर एलपीसी बनाने के बाद पहचान पत्र व खाता का फोटो स्टेट भी जमा कर दिया गया.
लेकिन खाता पर क्षतिपूर्ति के नाम पर अब तक एक रुपया भी नहीं भेजा गया है.
सूर्यगढ़ा अंचल के मानो निवासी व किसान इंद्रदेव सिंह ने बताया कि विगत भीषण बाढ़ के दौरान उनका पांच बीघा जमीन के धान का फसल बर्बाद हो गया. कृषि कार्यालय के बाबू के कहने पर चार हजार रुपया का रसीद अप-टू-डेट कराया. इसके साथ ही एलपीसी भी बना कर सभी कागजात दिया. लेकिन अब तक उन्हें क्षति पूर्ति के नाम पर एक भी पैसा नहीं दिया गया. वहीं सदर प्रखंड के अमहरा पंचायत के पवन सिंह, बड़हिया प्रखंड के जैतपुर पंचायत के सुधीर सिंह सहित आधा दर्जन किसान ने बताया कि फसल क्षतिपूर्ति की बात तो दूर आपदा राशि के नाम पर मिलने वाली राशि भी उन्हें नहीं दी गयी है. फसल क्षतिपूर्ति के बाद किसान क्रेडिट कार्ड वाले किसानों को फसल बीमा योजना भी दिया जाना है. इसके लिए सरकार द्वारा फसल क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित किया जाना है, लेकिन अब तक सरकार के द्वार फसल क्षतिपूर्ति ही नहीं दिया गया है. इससे फसल क्षतिपूर्ति की राशि का निर्धारण नहीं हो पाया. किसानों का खरीफ फसल के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से साढ़ चार सौ रुपये प्रति एकड़ प्रत्येक साल बीमा कंपनी द्वारा लिया जाता है. वहीं रबी फसल के लिए बीमा कंपनी 250 रुपये प्रति एकड़ प्रत्येक वर्ष लेती है. फसल नष्ट होने पर क्रेडिट कार्ड वाले किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित की गयी राशि के अनुसार फसल मुआवजा मिलता है. इस संबंध में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खगौर के शाखा प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि बीमा कंपनी द्वारा फसल बीमा अब तक नहीं भेजा गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इधर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामबालक सिंह ने बताया कि फसल क्षतिपूर्ति के लिए अंचल अधिकारी के यहां लैंड पोजिशन प्रमाण पत्र जांच के लिए भेजा गया है. जांच पूरी होने के बाद किसानों की सूची जिला कृषि पदाधिकारी को सौंपा जायेगा.

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