पहल. बायपास निर्माण में तालाब की खुदाई कर डाली जायेगी मिट्टी
लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र में 84 तालाब हैं. इसमें अधिकांश अतिक्रमण की चपेट में हैं. हालांकि अब तालाबों को अितक्रमण मुक्त कराने को लेकर प्रशासन द्वारा पहल की जा रही है. इसके साथ ही बायपास निर्माण की शुरुआत के बाद क्षेत्र के तालाबों से मिट्टी कटाई का आदेश मिला है.
लखीसराय : 2016 में हुई कार्रवाई और नये सिरे से बनायी गयी योजनाओं ने अगर जोर पकड़ा तो लखीसराय तालाबों का शहर बनकर उभरेगा. जल, जमीन और जंगल के महत्व को समझते हुए जिला प्रशासन ने कई आवश्यक कदम उठाये हैं. इसमें उच्च न्यायालय द्वारा तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के संबंध में दिया गया आदेश कारगर हथियार बन सकता है़ पालवंश कालीन शहर के रूप में चिह्नित लखीसराय में जिला प्रशासन ने 84 तालाब होने का दावा किया है़ जिलाधिकारी सुनील कुमार के अनुसार इनमें से 80 प्रतिशत तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं. गैर मजरुआ आम की जमाबंदी कार्य को गति दिया जा रहा है़
जल्द ही सभी तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है. इसके लिए जिला प्रशासन के द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस भी दिया जा चुका है़ इन दिनों बायपास सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी डालने को लेकर भी तालाब की खुदाई कार्य प्रारंभ कर दिया गया है़ अकेले बायपास सड़क के आसपास 24 तालाब इसके लिए चिह्नित किये गये हैं, जबकि शहर में पूर्व से ही लगभग दो दर्जन तालाबों का अस्तित्व बरकरार है़ इसमें संसार पोखर, अष्टघट्टी तालाब का धार्मिक कार्यक्रमों के लिए खासा महत्व है़ गांव में इन दिनों तालाबों में मछली पालन का धंधा जोर पकड़े हुए है, जबकि शहर में पानीफल(सिंघाड़ा) की पैदावार वर्षों की जा रही है़ नया टोला व संतर मुहल्ला में तो सिंघाड़ा लगाने के लिए खेत को पानी से भर कर तालाब का निर्माण किया जाता है. ऐसे में अगर सभी तालाब को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया, उनकी खुदाई हो गयी, तो व्यवसाय में भी समृद्धि आ सकती है़
कहते हैं जिलाधिकारी
हर हाल में तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा़ इसके लिए सभी योजनाओं पर व्यापक रूप से कार्रवाई प्रारंभ की गयी है़ तालाब खुदाई कार्य को बायपास सड़क निर्माण कार्य में मिट्टी भराई से जोड़ देने से आठ करोड़ रुपये की बचत होगी. सभी तालाबों को चिह्नित किया जा चुका है़
सुनील कुमार, डीएम
