सात प्रखंड के मनरेगा पीओ से डीएम ने मांगा शोकॉज
लखीसराय : जिले में मनरेगा की बुरी स्थिति को देखते हुए शनिवार को डीएम सुनील कुमार ने जिले के सभी मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है़ डीएम ने अपने पत्र में कहा है कि विगत तीन चार महीने से जिले के सभी सात प्रखंड अंतर्गत सभी पंचायतों से मनरेगा योजना में रोजगार […]
लखीसराय : जिले में मनरेगा की बुरी स्थिति को देखते हुए शनिवार को डीएम सुनील कुमार ने जिले के सभी मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है़ डीएम ने अपने पत्र में कहा है कि विगत तीन चार महीने से जिले के सभी सात प्रखंड अंतर्गत सभी पंचायतों से मनरेगा योजना में रोजगार दिलाने हेतु उनके द्वारा विहित प्रपत्र में आवेदन पत्र प्राप्त हो रहे हैं.
जिसे प्रखंड व पंचायतवार सभी को विगत 05 अगस्त से 10 दिसंबर तक विभिन्न तिथियों में कुल 4365 आवेदन भेजते हुए मनरेगा अधिनियम 2005 के अनुसार सभी व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए अनुपालन प्रतिवेदन की मांग की गयी थी. इसके बावजूद सभी को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया व न ही अनुपालन प्रतिवेदन भेजा जा रहा है़ जो मनरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 का उल्लंघन है़ पत्र में कहा गया है कि सूर्यगढ़ा को 1684, चानन को 1043, पिपरिया को 352, बड़हिया
सात प्रखंड के…
को 352, रामगढ़ चौक को 164, हलसी को 509 व सदर प्रखंड को कुल 261 आवेदन भेजा गया था़ इसमें सिर्फ सूर्यगढ़ा प्रखंड में 1684 आवेदन के आलोक में 251 लोगों को ही काम मिला है व 25 लोगों के संबंध में अनिच्छा जाहिर करने की बात कही गयी थी है़ पत्र में मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारियों से कहा गया कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर स्पष्ट करें कि काम मांग करने के बाद भी उनके द्वारा काम उपलब्ध नहीं कराने के कारण मनरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 में निहित प्रावधानों के आलोक में प्रत्येक आवेदक एक हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूली की जाय. साथ ही मनरेगा अधिनियम 2005 में निहित निदेशों का उल्लंघन करने आरोप में सभी के विरुद्ध अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की जाय.
आवेदकों को मनरेगा के तहत काम नहीं देने पर पीओ को लगेगा जुर्माना
प्रति आवेदक एक हजार वसूला जायेगा जुर्माना