श्रृंगी ऋषि धाम पहुंचे डालसा के सचिव त्रिभुवन नाथ व अन्य.
लखीसराय/चानन : आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएं विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित श्रृंगी ऋषि में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लखीसराय के द्वारा किया गया. शिविर में मुख्य वक्ता डालसा लखीसराय के सचिव श्री त्रिभुवन नाथ थे. उन्होंने शिविर में उपस्थित आदिवासियों को संबोधित करते हुए करते हुए कहा कि जनजातियों के सामाजिक आर्थिक उत्थान तथा उनके विधिक अधिकारों की रक्षा के लिए नालसा कानून बना कर विकास की मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया है.
उन्होंने आदिवासियों को प्रकृति पुत्र बताते हुए कहा कि इन्हीं जनजातियों के बदौलत आज वन व जंगल तथा भारत कि मूल संस्कृति बची हुई है. इनके अधिकारों की रक्षा करना तथा सुगमता से इन तक न्याय पहुंचाना हम सबों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है. आदिवासी महिला व पुरुषों ने अपर जिला व सत्र न्यायाधीश प्रथम त्रिभुवन नाथ से रु-ब-रु होते हुए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा चलाए जाने वाले गरीबी उन्मूलन जनकल्याणकारी योजना का सच बताते हुए कहा कि आज भी साफ पानी, इंदिरा आवास आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार हेतु बैंक से किसी प्रकार की सुविधा मयस्सर नहीं हुई है और न ही पंचायतों द्वारा ही काम मिलता है पत्ता का दौना तथा जंगल से लकड़ियां चुन-चुन कर यीवन व्यतीत कर रहे हैं. सामाजिक सुरक्षा पेंशन खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आनाज का लाभ भी नहीं मिलता, उल्टा पुलिस द्वारा झूठा मुकदमा में फंसा कर प्रताड़ित किया जाता है. स्थानीय ठेकेदार भी प्रशासनिक सांठ गांठ कर विकास योजनाओं को हड़प कर जाते है. डालसा सचिव त्रिभुवन नाथ ने आदिवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिये नालसा ने कानून बनाया है जिसके तहत स्थानीय पीएलभी को आप के बीच नियुक्त किया गया है जो पैनल अधिवक्ता के माध्यम से आप तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे. शिविर में रिटेनर अधिवक्ता रजनीश कुमार, कुमारी बबीता, अरविंद कुमार, सुधांशु शिवेश, कुमार रोहनी दास, बासुकी नंदन सिंह, अशोक कुमार ठाकुर, पीएलवी नरेश किस्कु समेत आधा दर्जन से अधिक पीएल भीमौजूद थे.
