लोगों में दहशत . गोंगाकुरा गांव में घर-घर में बरप रहा डायरिया का कहर
प्रखंड क्षेत्र के गोंगाकुरा गांव में प्रर्याप्त सरकारी सुविधा नहीं मिलने के कारण लोग निजी चिकित्सकों का सहारा लेकर लोग अपनी जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं.
झाझा : प्रखंड क्षेत्र के गोंगाकुरा गांव में डायरिया बीमारी के चपेट में आने से एक तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी. जबकि कई लोग इस बीमारी से पीड़ित होकर जीवन-मौत के बीच जूझ रहे हैं. जानकारी के अुनसार उक्त गांव में सभी घर के लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. ग्रामीण बताते हैं कि बामारी के भय से कई लोग गांव छोड़कर अपने निकटतम संबंधियों के घर चले गए हैं. सरकारी सहायता नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण बताते हैं कि रोज मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. इसके बावजूद भी स्थानीय पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई पहल व प्रयास नहीं किया गया है. ग्रामीण बताते हैं कि बच्ची की मौत के बाद रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डाॅ आबिद हुसैन गोंगा कुरा गांव पहुंच कर मरीजो की हालत का जायजा लिया था. पीड़ित लोगों को अस्पताल आने की नसीहत दी थी.
ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह से लगातार हमारे गांव में डायरिया फैला हुआ है. किसी तरह इलाज करा कर लोग अपनी जान बचा रहे हैं. रविवार की सुबह महेंद्र यादव की तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो जाने के बाद ग्रामीण भयभीत हो गए व जान बचाने का उपाय कर कुछ लोग इलाज कराने निजी अस्पताल गए व कुछ लोग गांव छोड़कर अपने संबंधी के घर चले गए. वर्तमान में लालमुनि देवी,अशोक यादव,राजू यादव,कविता देवी,लक्ष्मण यादव,पिंकी देवी,अंशु कुमारी समेत कई लोग आज भी निजी अस्पताल में इलाजरत है. ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल द्वारा ना ही ब्लीचिंग पाउडर सप्लाई किया गया और ना ही डीडीटी का छिड़काव किया गया. इस बाबत पूछे जाने पर सिविल सर्जन डाॅ अजीत कुमार ने बताया कि गोंगा कुरा गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिली है. चिकित्सक टीम को भेजी जा रही है.
