पिपरिया दियारा के बाढ़ पीड़ित हैं परेशान
सीओ को सूचना देने के बाद भी नहीं मुहैया करायी राहत
पिपरिया : गंगा के जलस्तर में में हल्की कमी जरूर आ रही है, लेकिन हरूहर नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है. इससे प्रखंड में बाढ़ के हालत यथावत बने हुए हैं. सरकारी स्तर से कुछ ही जगहों पर राहत शिविर चलाया जा रहा है, बाकी भगवान भरोसे हैं. प्रखंड के पिपरिया दियारा, करारी पिपरिया व तेरासी टोला एक तरफ सूर्यगढ़ा विधानसभा तो दूसरी तरफ लखीसराय विधानसभा क्षेत्र होने का दंश झेल रहे हैं. हालांकि बाढ़ त्राहिमाम के एक सप्ताह बाद रविवार को जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार, सूर्यगढ़ा विधायक प्रह्लाद यादव, एडीजे तृतीय त्रिभुवन सिंह आदि प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच पीडि़त परिवारों से रूबरू हुए.
इससे पहले किसी प्रकार भी पार्टी के नेता एवं कोई भी पदाधिकारी यहां नहीं वहां पहुंचे थे. इन गांवों में किसी भी प्रकार का राहत शिविर नहीं चलाया जा रहा है. बाढ़ की विभीषिका के कारण प्रखंड के किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी मकई, गरमा मिर्च, धान का बिचड़ा, टमाटर का बीज, पशुचारा, परवल आदि फसल पूरी तरह बरबाद हो गयी. कन्हरपुर, रहाटपुर, रामचंद्रपुर, रामनगर, डीह पिपरिया, पथुआ, हसनपुर, रामनगर, तड़ीपर,
चनानियां, सुरजीचक हर जगह पिपरिया प्रखंड के अंचलाधिकारी व जिला परिषद अध्यक्ष के प्रयास से कुछ न कुछ राहत मुहैया करायी जा रही है, लेकिन बड़हिया अंचल के पिपरिया दियारा, करारी पिपरिया व तिरासी टोला में राहत नहीं मिल रही है. अत्यंत गरीब लोगों के घरों में सप्ताह भर से चूल्हा नहीं जला है, घर में अनाज तो है, पर खाना बनाने के लिए जलावन नहीं है. गांव के गोंगू यादव ने बताया कि घर में हर चीज मौजूद है, पर जलावन के चलते हमलोगों को भूखा रहना पड़ रहा है. जानवरों के लिए चारा नहीं है, जो भी भूसा रखे थे वह गंगा के धार में बह गया.
सैकड़ों जानवर बाढ़ की चपेट में आकर मर गये. हमलोगों को किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली है. करारी पिपरिया के नवीन सिंह ने कहा कि जब बड़हिया सीओ को इस गांव में राहत में मुहैया कराये जाने की बात कही तो उन्होंने अपने क्षेत्र से बाहर होने की बात कही. वहीं डीह पिपरिया के राम पुकार यादव ने बताया कि डीह पिपरिया में किसी प्रकार का राहत नहीं दी जा रही है. तीन-चार दिन पहले दर्जन भर लोगों को सिर्फ चूड़ा दिया गया था.
पिपरिया के रामनरेश यादव ने कहा कि प्रशासन क्या होता है हमें मालूम नहीं है. उन्होंने कहा बड़े नाव नहीं होने के कारण अपने मवेशी को सुरक्षित जगह नहीं ले जा सके और तीनों जानवर बाढ़ के शिकार हो गये. सांसद प्रतिनिधि रामविलास शर्मा ने कहा कि चार-पांच दिन से लगातार बड़हिया सीओ को इन गांवों में राहत मुहैया कराने की बात कही जा रही है, पर अभी तक उनके द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया, वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि द्वारा सीओ के पास जाकर समस्या से अवगत करा राहत मुहैया कराने की बात कहने पर सीओ ने उस गांव में राहत शिविर लगा होने की बात कही.
