माणिकपुर टाल क्षेत्र में शरण लिये पशुपालक हैं परेशान

नहीं मिल पायी है सरकारी स्तर से सहायता स्थानीय पशुपालक कर रहे हैं मदद सूर्यगढ़ा : माणिकपुर टाल क्षेत्र में लगभग डेढ़ हजार पशुओं के साथ दियारा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित पशुपालकों ने शरण ले रखी है, लेकिन इन्हें अब तक कोई सरकारी सहायता उपलब्ध नहीं मिल पा रही है. कवादपुर पैक्स अध्यक्ष सह आरटीआइ […]

नहीं मिल पायी है सरकारी स्तर से सहायता

स्थानीय पशुपालक कर रहे हैं मदद
सूर्यगढ़ा : माणिकपुर टाल क्षेत्र में लगभग डेढ़ हजार पशुओं के साथ दियारा क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित पशुपालकों ने शरण ले रखी है, लेकिन इन्हें अब तक कोई सरकारी सहायता उपलब्ध नहीं मिल पा रही है. कवादपुर पैक्स अध्यक्ष सह आरटीआइ कार्यकर्ता रामचंद्र मंडल ने बताया कि टाल क्षेत्र में विभिन्न इलाके के पशुपालकों ने पशुओं के साथ शरण ले रखी है. स्थानीय किसानों द्वारा इन पशुपालकों को सहायता उपलब्ध करायी जा रही है. इन्हें खेतों से हरी घास आदि पशुचारा लेने की छूट दी गयी है, लेकिन सरकारी सहायता नहीं मिलने के कारण पशुपालकों के समक्ष परेशानी बनी हुई है.
स्थानीय लोगों के सहयोग से इन पशुपालकों के लिए दूध आदि की बिक्री की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है, ताकि आर्थिक कठिनाई झेल रहे पशुपालकों की परेशानी कम हो सके. पैक्स अध्यक्ष के मुताबिक बाढ़ की त्रासदी झेल रहे पशुपालकों को पशुओं के साथ कुछ महीने टाल क्षेत्र में प्रवास करना होगा, ऐसे में बगैर किसी सरकारी सहायता के पशुपालकों की परेशानी और बढ़ेगी. उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ पीड़ित पशुपालकों को समुचित सरकारी राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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