बाढ़ राहत देने में प्रशासनिक विफलता का कर रहे थे विरोध
समाहरणालय में से जारी भाजपा का महाधरना गुरुवार को समाप्त हो गया. बिहार भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ प्रेम कुमार ने महाधरना समाप्त करवाया.
लखीसराय : समाहरणालय स्थित एनआइसी मंत्रणा कक्ष के सामने मुख्य गेट पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री-सह-जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार के सरकारी गाड़ी के समक्ष एनडीए समर्थक महाधरना दे रहे थे. जिले में बाढ़ पीडि़तों को समुचित राहत दिलवाने में प्रशासनिक विफलता एवं सत्तापोषित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर तीन दिनों से जारी महाधरना कार्यक्रम गुरुवार को बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ प्रेम कुमार की संयुक्त पहल पर समाप्त करवाया गया.
विदित हो कि 23 अगस्त को भाजपा विधायक विजय कुमार सिन्हा एवं मुंगेर की सांसद वीणा देवी जिले में जारी भीषण बाढ़ की कहर से जूझ रहे लोगों के लिए राहत नहीं देने एवं झूठे प्रशासनिक कागजी आंकड़ों को देख प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार के समक्ष अपनी आपत्ति प्रकट की. इसके बावजूद मंत्री की ओर से सांसद एवं विधायक की बातों को अनसुना कर दिया गया. इससे नाराज सांसद एवं विधायक दोनों उनके गाड़ी के समक्ष धरना पर बैठ गये थे. तीन दिनों के दौरान जिला प्रशासन की ओर से धरना पर बैठे विधायक व सांसद का धरना तोड़वाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया. बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य एवं संसदीय कार्य सह जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार अपनी सरकारी विभागीय गाड़ी को लखीसराय में छोड़ कर अन्य वाहन से राजधानी पटना की ओर कूच कर गये. तब से सांसद वीणा देवी एवं विधायक विजय कुमार सिन्हा लगातार महाधरना पर डटे रहे. इनके अलावे धरना में महेंद्र प्रसाद यादव, शोभाकांत साह, लोजपा जिलाध्यक्ष धुरी पासवान, सांसद प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह, नरेश साव, धर्मेंद्र कुमार मुकुल, छेदी प्रसाद गुप्ता, निभा सिन्हा, शशिवाला भदानी, गरीब राम, विनोद कुमार राउत, अनुज कुमार गुप्ता, विपिन सिंह, अमित सिंह, परमानंद केसरी, रविशंकर प्रसाद सिंह, अमित कुमार उर्फ चिक्कू सिंह, हिमांशु कुमार मुन्ना, उपेंद्र प्रसाद सिंह आदि एनडीए कार्यकर्ता उपस्थित थे.
