लखीसराय: जिले में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत एवं बचाव चलाने के मामलों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी सुनील कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक हुई. बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के बाढ़ प्रभावित 26 पंचायतों के 86 गांवों में से सर्वाधिक जलमग्न एवं बाढ़ की पानी से घिरे लोगों के बीच आवागमन एवं संचार सेवा बहाल कर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया़
उन्होंने बड़हिया, सूर्यगढ़ा, पिपरिय एवं लखीसराय सदर प्रखंड के टाल एवं दियारा के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 10 ग्राम पंचायतों में आपदा अनुश्रवण सह निगरानी समिति के प्रस्तावों के अनुरूप गांव-गांव राहत केंद्र खोलने के लिए संबंद्ध अधिकारियों को रोड मैप बना कर अविलंब राहत चलाने की बात कही. डीएम ने कहा कि प्रत्येक बाढ़ राहत शिविर में पीड़ित परिवार को चावल, दाल, सब्जी, बच्चों के दूध एवं दवा के अलावे मेडिकल सुविधाएं भी मुहैया करायी जायेगी.
उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार को बाढ़ राहत की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लगभग एक लाख 72 हजार 445 लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त सरकारी मोटरबोट, बड़ी नाव एवं इंफलेटेबुल मोटरबोट आदि प्रशिक्षित चालक एवं नाविकों के साथ मुहैया कराने की भी हिदायत दी़ सभी राहत शिविर में सामूहिक शौचालय, शुद्ध पेयजल के लिए चापाकल गाड़ने, प्रकाश की बंदोबस्त,
केंद्र वार मेडिकल टीम प्रतिनियुक्त करने, आपात मेडिकल एम्बुलेंस तैयार रखने आदि के भी निर्देश दिये़ जिलाधिकारी ने कहा कि दियारा एवं टाल स्थित सभी बाढ़ प्रभावित 96 विद्यालय भवन में पीड़ितों की सुविधा के अनुसार राहत केंद्र संचालित कराये जायेंगे़ इसके लिए उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सभी बाढ़ प्रभावित विद्यालय भवनों की भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये़ इसके अलावे चापाकलों में हेलोजन के टेबलेट डालने, पथ निर्माण विभाग से
जलमग्न इलाकों की सड़कों की भौतिक हालातों का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए भी संबंधित लोगों को आवश्यक निर्देश दिये़ बैठक में डीडीसी रमेश कुमार, एसडीएम अंजनी कुमार, डीसीएलआर प्रभात चंद्र, एसडीसी मुकेश कुमार, आपदा प्रभारी पदाधिकारी मंजू प्रसाद, डीपीआरओ सुरेश प्रसाद समेत संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे़
