लखीसराय : इस वर्ष अप्रैल माह से ही गरमी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. पारा चढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने लगा है. चिलचिलाती धूप व कहर बरपा रही गरम हवा के थपेड़े के कारण मंगलवार को उच्चतम तापमान चार डिग्री ऊपर चढ़ कर 43 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया. हवा 24 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चली.
मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार मौसम की तल्खी जारी रहेगी. गरम हवा के कारण इलाके में लू के थपेड़े भी चलते रहेंगे. इधर अप्रैल व मई माह के प्रारंभ में ही पारा इतना ऊपर जाने से मई-जून में तापमान 46 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना जतायी जा रही है. मौसम के तपिश का अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि दोपहर में हवा की शुष्कता घट कर 17 प्रतिशत रह जाती है.
पारा 40 पार होने से हो सकती है परेशानी.
चिकित्सक के मुताबिक 40 डिग्री से अधिक तापमान के बाद लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इसमें लोगों को हीट फ्रेंपस, हीट एर्ग्जशन व हीट स्टोक यानि लू का खतरा बढ़ जाता है. हीट फ्रेंपस (मांसपेशियों में ऐंठन)में धूप के कारण शरीर में ऐंठन होने लगता है. पूरे बदन में दर्द हो जाता है. जबकि हीट एर्ग्जशन( शरीर पस्त हो जाना) में सिर दर्द, शरीर में ऐंठन के साथ अन्य लक्षण दिख सकते हैं. हीट स्टोक यानि लू की चपेट में आने से लोग बीमार हो रहे हैं. गरमी अधिक बढ़ने पर लोग हीट स्टोक की चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में घर से निकलने से पहले एहतियात जरूरी है. आंखें भी सूख सकती है.
आंखों का रखें ख्याल. गरमी में आंखों का विशेष ख्याल नहीं रखा जाये तो काफी समस्या होती है. धूप में अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं जो आंखों को सीधे नुकसान पहुंचाती हैं. उसके अलावे धूप,धूलकण , के कारण आंखों में कंजंक्टिवाइटिस और एलर्जी जैसी समस्या होती है. इसमें आंख आना या वायरल कंजंक्टिवाइटिक,आंख में पानी आना,दर्द और रेडनेस जैसी समस्याएं होती हैं.
इससे बचने के लिए आंखों को साफ रखें. धूल पड़ने पर आंखों को पानी से जल्दी-जल्दी धोयें. इन समस्याओं से बचने के लिए आंखों में सन ग्लासेज पहनना बेहतर उपाय है.
