सूर्यगढ़ा : बालू उत्खनन पर रोक के बावजूद बालू माफिया द्वारा इसका धड़ल्ले से उत्खनन कर सरकारी राजस्व का चूना लगाया जा रहा है.
बालू मफिया अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसकी डिलीवरी के लिए नित नये हथकंडे अपना रहे हैं. सूर्यगढ़ा प्रखंड के सूरजीचक घाट से बालू माफिया द्वारा धड़ल्ले से बालू का उठाव किया जा रहा है. बालू के ऊपर बलुआही मिट्टी का लेयर डालकर उसे ढंककर ट्रैक्टर द्वारा गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा. सौदा पटने के बाद शहरी इलाके में रात बालू की डिलीवरी के लिए बालू माफिया रात गहराने का इंतजार करते हैं. रात के अंधेरे में निर्धारित स्थल पर बालू की डिलीवरी दे दी जाती है. बालू माफिया इसके लिए स्थानीय थाना को बंधी-बंधाई रकम भी दे रहे हैं.
यही कारण है कि 30 दिसंबर के बाद जिले में बालू के उठाव पर रोक के बावजूद जिले भर में भवन निर्माण का कार्य चलता रहा. भवन निर्माण के लिए सड़कों पर धड़ल्ले से बालू गिरता रहा लेकिन इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गयी.
प्रशासन के द्वारा बालू माफिया पर की गयी अब तक की कार्रवाई हाथी के दिखाने के दांत साबित हो रहा. आम तौर पर 1500 से 1800 रुपया प्रति ट्रेलर बिकने बाला बालू पांच से छह हजार रुपया प्रति ट्रेलर बिक रहा है.
