सुविधाओं का था अभाव. मात्र एक चिकित्सक के भरोसे सभी व्यवस्था

मरहम-पट्टी के बाद सभी रेफर फर्श पर लिटा कर ही किया गया अधिकतरों का इलाज मां का श्राद्ध कर लौट रही मुन्नी देवी सहित परिवार के पांच की स्थिति गंभीर सूर्यगढ़ा : रविवार को स्थानीय थाना क्षेत्र के निस्ता गांव के समीप सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच घायलों को सूर्यगढ़ा पीएचसी व […]

मरहम-पट्टी के बाद सभी रेफर

फर्श पर लिटा कर ही किया गया अधिकतरों का इलाज
मां का श्राद्ध कर लौट रही मुन्नी देवी सहित परिवार के पांच की स्थिति गंभीर
सूर्यगढ़ा : रविवार को स्थानीय थाना क्षेत्र के निस्ता गांव के समीप सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच घायलों को सूर्यगढ़ा पीएचसी व सदर अस्पताल लखीसराय में उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर किया गया है. अवगिल-रामपुर पंचायत के निवर्तमान मुखिया अजय पासवान ने बताया कि मुन्नी देवी अवगिल गांव निवासी दिनेश पासवान की बहन है. वह अपने परिवार के साथ आसनसोल(प बंगाल ) में रहती है. अपनी मां के श्राद्ध में शामिल होकर मुन्नी देवी पति श्रीकांत दास व पुत्र-पुत्रियों के साथ बस से वापस अपने घर लौट रही थी. तभी वह हादसे की शिकार हो गयी. परिवार के सभी लोगों को इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया है.
जिले के सूर्यगढ़ा पीएचसी से सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने का ही विकल्प था. यहां मात्र एक चिकित्सक के भरोसे संपूर्ण व्यवस्था थी.
लखीसराय : जिले के सूर्यगढ़़ा पीएचसी में रविवार की सुबह अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. सड़क हादसे में घायल आधा दर्जन से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए पीएचसी लाया गया था. लेकिन सुविधाओं के अभाव में यहां मरहम पट्टी कर सिर्फ रेफर करने का कार्य ही हो पाया. डयूटी पर तैनात एक मात्र चिकित्सक डा अशोक सिंह के लिए एक साथ आये इतने मरीजों को संभालना मुश्किल हो रहा था. असुविधा का आलम ये था कि अधिकतर मरीजों को बेड तक नहीं मिल पाया
और उन्हें जमीन पर ही लेटाकर मरहम पट्टी की गयी और उन्हें सदर अस्पताल लखीसराय रेफर कर दिया गया. घंटों मरहम पट्टी होती रही लेकिन सहयोग के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी या अन्य कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाये.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पीएचसी में स्ट्रैंथ की कमी है. प्रभारी सहित केवल दो ही चिकित्सक नियमित रूप से पदस्थापित हैं जिससे परेशानी हो रही है.
गंभीर परिस्थिति के बावजूद प्रभारी के पीएचसी नहीं पहुंचने या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाने के सवाल पर पीएचसी प्रभारी की चुप्पी प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधा की पोल खोलता प्रतीत हो रहा था. बताते चलें कि मुंगेर से लखीसराय के बीच 48 किलोमीटर एनएच 80 किनारे तीन लाख से अधिक की आबादी में सूर्यगढ़ा में एकमात्र पीएचसी है जहां अक्सर सड़क हादसे सा अन्य हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए लाया जाता है.

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