रबी फसल की कटनी व दौनी के बाद अब क्षेत्र से लौटने लगे मजदूर

लखीसराय : दाल का कटोरा कहा जानेवा बड़हिया टाल में रबी फसलों की कटनी व दौनी अंतिम दौर में है. झारखंड व अन्य जिले से 25 हजार से अधिक मजदूर अपने-अपने घर लौटने लगे हैं. 17 सौ हेक्टेयर भूमि में फैली बड़हिया टाल में किसानों ने काफी मेहनत से इस वर्ष रबी फसल चना, मसूर, […]

लखीसराय : दाल का कटोरा कहा जानेवा बड़हिया टाल में रबी फसलों की कटनी व दौनी अंतिम दौर में है. झारखंड व अन्य जिले से 25 हजार से अधिक मजदूर अपने-अपने घर लौटने लगे हैं. 17 सौ हेक्टेयर भूमि में फैली बड़हिया टाल में किसानों ने काफी मेहनत से इस वर्ष रबी फसल चना,

मसूर, केराव, खेसारी व रायचा की बुआई नवंबर माह में की थी. जिसकी कटनी व दौनी फरवरी से मार्च तक मजदूरों द्वारा किया गया. इस वर्ष रबी फसल का उत्पाद मसूर छह से सात मन प्रति बीघा, केराव आठ से 11 मन बीघा, चना पांच से छह मन बीघा, खेसारी आठ से नौ मन प्रति बीघा हुआ. जो लागत पूंजी से कम पैदावार आंका गया.

क्या कहते हैं किसान
किसान अरुण कुमार, मनोहर सिंह, निरंजन कुमार, महेश्वरी सिंह ने बताया कि जिस तरह किसानों ने साहूकारों व बैंक से ऋण लेकर इस वर्ष काफी मेहनत कर खेतों में पटवन कर रबी फसलों की बुआई की. उस तरह से पैदावार नहीं हो सकी. बीच में ओला, पानी व तेज पछुआ हवा ने पैदावार काफी कम कर दिया है. इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है. किसानों को ऋण चुकता करने में परेशानी होगी.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
डीएओ ओम प्रकाश ने बताया कि ओला, हवा व पानी से फसल उत्पादन में कमी हुई है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी से प्रतिवेदन रिपोर्ट मांगी गयी है.

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