लखीसराय : ठंडक दस्तक दे चुका है. सुबह व शाम की ठंड बढ़ने से काफी संख्या में लोग मौसमी बीमारी का शिकार होने लगे हैं. खासकर बच्चों में इनफेक्शनवाली बीमारी का अधिक खतरा है. पिछले तीन-चार दिनों से शहर के अस्पतालों व प्राइवेट क्लिनिक में इंफेक्शन से जुड़ी बीमारी सर्दी, खांसी, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, थाइराइड जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है.
इसके अलावे इस मौसम में डायरिया, रक्तचाप, हर्ट अटैक, लकवा, त्वचा रोग आदि बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. इस मौसम में अचानक गर्मी व अचानक सर्दी के कारण लोग इनफेक्शन का शिकार हो रहे हैं. चिकित्सकों के मुताबिक ऐसे मौसम में थोड़ी सावधानी से इन बीमारियों से बचा जा सकता है.
खान-पान में रखें परहेजफिजिसियन डाॅ उपेन्द्र प्रसाद सिंह के मुताबिक अभी के मौसम में वाइरल इनफैक्शन का ज्यादा खतरा होता है. ठंड के मौसम में शरीर में गर्मी मेनटेन करने के लिये अधिक इनर्जी की आवश्यकता होती है. इसके लिये फल व सब्जी का अधिक सेवन करें. पानी भी ज्यादा मात्रा में लें. ऐसे समय में शरीर में विटामिन सी व बी कम्पलेक्स का स्तर भी काफी कम हो जाता है. इस वजह से सर्दी, खांसी, बुखार व सिर दर्द की शिकायत बढ़ जाती है.
ऐसी स्थिति में शरीर में इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिये कागजी नींबू, संतरा, मौसमी, आंवला आदि ऐसे फलों का सेवन करें जिसमें खट्टापन ज्यादा होता है. साफ-सफाई का रखें ख्याल लोग जहां रहते हैं, वहां पर साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें. रात में सोने के वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. इससे बीमारी से बचाव होगा. चिकित्सकों के मुताबिक ठंड बढ़ने के साथ भले ही इनफैक्शन से जुड़ी बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं लेकिन इस मौसम में डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी से लोगों को राहत मिलती है.
क्योंकि ठंड में डेंगू मच्छर का प्रजनन रूक जाता है. इसके अलावे मलेरिया, फाइलेरिया, इन्सेफेलाइटिस आदि बीमारी से भी लोगों को राहत मिलती है. बुजुर्ग रखें परहेजआजकल के मौसम में हालांकि सभी को संयम बरतने का जरूरत हैं, लेकिन खसकर बुजुर्ग मरीज को विशेष रूप से संयमित रहने की जरूरत है. इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही उन्हें परेशानी में डाल सकती है.
खासकर हृदयरोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दमा, श्वास रोग व चर्म रोग से पीड़ित मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. अभी के मौसम में मार्निग वाक धूप निकलने के बाद ही करना चाहिए. बुजुर्ग को अहले सुबह मार्निग वाक पर नहीं जाना चाहिए. इस मौसम में बुजुर्ग अपनी दिनचर्या में सुधार लाकर व समय-समय पर चिकित्सक से परामर्श लेकर इनफेक्शन से जुड़ी बीमारी से बच सकते हैं.
