लखीसराय. शनिवार को कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरू हो गया. अहले सुबह से ही देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना व मंत्रोच्चरण से क्षेत्र भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया व कलश स्थापना की. वहीं शिव दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्त रामचंद्रपुर निवासी कन्हैया कुमार ने लगातार दूसरे वर्ष भी अपने सीने पर कलश स्थापित की. साथ ही पुराहितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चर करते हुए मां भगवती के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गयी. शहर के नया बाजार स्थित संयुक्त समिति बड़ी दुर्गा स्थान मंदिर में आचार्य महेन्द्र मिश्र के द्वारा विधि विधान से कलश की स्थापना करते हुए पूजा की गयी . वहीं छोटी दुर्गा मंदिर में भी पंडितों द्वारा पूजा किया गया. इसके साथ अन्य मंदिरों व घरों में भी श्रद्धालु भक्तों के द्वारा कलश की स्थापना कर पूजा अर्चना की गयी. पंडितों के अनुसार पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा. नवरात्र के पहले दिन मंदिरों मे पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. वहीं किऊल स्थित गायत्री शक्तिपीठ में भी कलश स्थापित की गयी है.
शारदीय नवरात्र शुरू
लखीसराय. शनिवार को कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरू हो गया. अहले सुबह से ही देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना व मंत्रोच्चरण से क्षेत्र भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया व कलश स्थापना की. वहीं शिव दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्त रामचंद्रपुर निवासी कन्हैया कुमार ने लगातार दूसरे वर्ष […]
