मौसम की बेरुखी से इस वर्ष प्याज की खेती को खासा नुकसान हुआ है. देश के अन्य भागों में भी बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि की वजह से प्याज की पैदावार कम हुई है. बारिश होने से प्याज के पौधे में पानी लग गया. इस स्थिति में प्याज का निचला हिस्सा सड़ गया. काफी मात्र में सड़ा प्याज खेतों से हटाया गया. जानकारों के मुताबिक, नये प्याज की अवाक के बावजूद फिलहाल प्याज की कीमत 20 रुपये प्रति किलो है. लेकिन मंडी में प्याज की आपूर्ति कम होने की स्थिति में अगले 15-20 दिनों में कीमतें बढ़ सकती है.
प्याज एक बार फिर रुलायेगा, हरी सब्जी दे रही राहत
लखीसराय: दाल, मसाला, सरसों तेल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद बाजार में प्याज और आलू की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. प्याज की कीमों में भी वृद्धि की आशंका जतायी जा रही है. मंडी में नये प्याज का अवाक हो चुकी है. बावजूद इसके इसकी कीमतें नहीं घटीं. पिछले वर्ष प्याज का भाव […]

लखीसराय: दाल, मसाला, सरसों तेल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद बाजार में प्याज और आलू की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. प्याज की कीमों में भी वृद्धि की आशंका जतायी जा रही है. मंडी में नये प्याज का अवाक हो चुकी है. बावजूद इसके इसकी कीमतें नहीं घटीं. पिछले वर्ष प्याज का भाव 10-12 रुपये प्रति किलो था, जबकि अभी प्याज 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. जिले में प्याज की अच्छी पैदावार होती है. इसे राज्य के अन्य भागों में भी भेजा जाता है.
हरी सब्जी सस्ती, राहत
आलू, प्याज, दाल, मसाला, सरसों तेल आदि की कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. लेकिन हरी सब्जी सस्ती होने के कारण राहत मिल रही है. तापमान में गिरावट व मॉनसून के दस्तक देने की संभावना से फिलहाल हरी सब्जियां की अच्छी आमद बनी रहेगी. रसोई के बजट को सस्ती हरी सब्जियों से सहारा मिलेगा.