हो गयी नाराज कुदरत, ढा रही देखो कहर

जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन में कवियों ने किया कविता का पाठ फोटो संख्या 08चित्र परिचय- कवि गोष्ठी के दौरान उपस्थित कवि लखीसराय. शहर के पुरानी बाजार कार्यानंदनगर मुहल्ला स्थित रुद्राक्ष भवन में रविवार को जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन लखीसराय के तत्वावधान में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. प्रो. महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में […]

जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन में कवियों ने किया कविता का पाठ फोटो संख्या 08चित्र परिचय- कवि गोष्ठी के दौरान उपस्थित कवि लखीसराय. शहर के पुरानी बाजार कार्यानंदनगर मुहल्ला स्थित रुद्राक्ष भवन में रविवार को जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन लखीसराय के तत्वावधान में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया. प्रो. महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कवि गोष्ठी में अपनी कविता के माध्यम से कवियों ने प्रकृति की क्रूरता, वर्तमान व्यवस्था पर चोट की. त्रिवेणी पासवान की कविता चेत मानव चेत आया नाश का देखो पहर है, हो गयी नाराज कुदरत ढा रही देखो कहर है, कविता में पिछले दिनों आयी प्राकृतिक आपदा के प्रति अगाह किया है. कवि राजेश्वरी प्रसाद सिंह की चांद के गड्ढों में हमें बसने तो दीजिए, इस शहर के दरिंदों पर थोड़ा हंसने तो दीजिए कविता में व्यवस्था पर चोट की. मौके पर सुखदेख मोदी, महेश प्रसाद सिंह, देवेंद्र आजाद, अवधेश कुमार निराला, रामचरित्र सिंह, राधेश्याम साविकपुरी, दयाशंकर सिंह बेधड़क, दिनेश कुमार नीलम आदि ने भी काव्य पाठ किया.

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