पंखा-कूलर हुए बेअसर

लखीसराय : गरमी चरम पर है. दिन चढ़ते ही पूरा इलाका तपने लगता है. जेठ की इस तपिश में लोगों को न घर में सुकून है और न ही घर से बाहर निकलने की हिम्मत. लू के थपेड़ों से हर कोई परेशान है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा, जो इस सीजन […]

लखीसराय : गरमी चरम पर है. दिन चढ़ते ही पूरा इलाका तपने लगता है. जेठ की इस तपिश में लोगों को न घर में सुकून है और न ही घर से बाहर निकलने की हिम्मत. लू के थपेड़ों से हर कोई परेशान है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा, जो इस सीजन में अभी तक का सबसे गरम दिन माना जा रहा है. सुबह से ही घूल, लू एवं कड़ी धूप परेशानी का कारण बना रहा. सुबह 10 बजे के बाद घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया.
कड़ी धूप शरीर को झुलसा रही थी. ऊपर से बिजली कटौती के कारण लोग पसीने से तर-ब-तर रहे. गरमी ऐसी की पंखा एवं कूलर भी सहमे नजर आये. इनकी हवा भी आंशिक राहत ही दे रही थी. अपराह्न् 2 बजे के बाद पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया. घरों में भी लोग मुंह पर पानी का छींटा मार कर या फिर भींगा कपड़ा रख कर गरमी से राहत पाने की कोशिश करते रहे. शनिवार को पारा 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है.
कहते हैं चिकित्सक
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सूर्यगढ़ा डॉ बीके मिश्र कहते हैं कि तापमान बढ़ने के बाद लू लगने की आशंका रहती है. इससे बचने के लिए घर से निकलने के पूर्व भरपूर पानी पीयें. मसालेदार भोजन के बदले तरल पदार्थ का अधिक सेवन करें.
लू लगने, चक्कर आने, कै-दस्त आदि होने पर अविलंब चिकित्सक की सलाह लें. बाहर निकलने से पूर्व गमछा या अन्य वस्त्र से चेहरे को ढक कर चलें. आंखों को बचाने के लिए काला चश्मा पहनें. सीधे सूरज के संपर्क में आने से बचें.

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