कजरा : दो-चार दिनों पर रह-रह कर होने वाली बारिश व गरमी की वजह से अनियमित मौसम का प्रभाव इनसान के अलावा जीव-जंतुओं पर भी पड़ा है. लोग बीमार पड़ रहे हैं. वहीं पानी व धूप के बाद उमस से परेशान होकर विषैले जीव-जंतु अपने बिल से बाहर निकलने लगे हैं.
दो दिन पूर्व केशोपुर निवासी धनेश्वर साव के घर के पास विषैला सांप देखा गया. इसी गांव के रेलवे कर्मचारी परमानंद सिंह के घर के आगे विषैला बिच्छू मारा गया. लोगों को इसे लेकर सावधान रहने की जरूरत है.
सफाई का रखें ख्याल : सांप व बिच्छू का बसेरा पुराने घर के छप्पर, समतल से थोड़ा ऊपर मिट्टी का टीला, बड़े लंबे घास, झाड़ी व बिल होते हैं. ये जीव उमस बरदाश्त नहीं कर सकते, और बाहर निकल आते हैं. राह चलते यदि इन पर नजर नहीं पड़ी, तो पैर पड़ने पर ये दंश मार सकते हैं.
इस वजह से कभी-कभी लोगों की जान भी चली जाती है. रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमेन डॉ रामानुज ने इस बाबत बताया कि अंधेरे में टॉर्च का प्रयोग करें. सोने के पहले रोशनी में बिछावन अच्छी तरह से झाड़ लें. मच्छरदानी लगाते समय अच्छी तरह झाड़ें, उसे चारों तरफ से बेड तले दबा कर लगाएं. ऐसा करने से जहरीले जंतुओं से बचा जा सकता है.
धैर्य है सबसे जरूरी : सूर्यगढ़ा पीएचसी प्रभारी डॉ वीरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि बिच्छू के डंसने पर सिर्फ दर्द होता है. कुछेक प्रतिशत को छोड़ कर बिच्छू का विष जानलेवा नहीं होता है. बिच्छू के डंसने पर लोग काटे जगह पर चीरा लगाते व धागा आदि से बांध देते हैं, यह चिकित्सा विज्ञान के अंतर्गत उचित नहीं है.
उसे चिकित्सक के पास ले जाकर उचित इलाज करवाना चाहिए.उन्होंने बताया कि पीएचसी में सर्पदंश में दी जाने वाली दवा उपलब्ध है. सर्पदंश के बाद पांच प्रतिशत लोगों पर विष का असर होते देखा गया है. 95 प्रतिशत लोग सांप के भय से घबरा जाते हैं. यह कभी-कभी जानलेवा हो जाता है. इसलिए सांप डंसे व्यक्ति को धैर्य रखना चाहिए. अतिशीघ्र अस्पताल पहुंचना चाहिए.
