असामयिक बारिश से किसान मायूस

फोटो संख्या 04 से 10 तक परिचर्चा की है. कजरा. रविवार रात बेमौसम बारिश होने से किसानों को फसल बरबाद होने के चिंता सताने लगी है. किसान मायूस हैं. खेतों में सरसों, मसूर, चना, धनिया आदि की फसल को खलिहान लाया गया है. लेकिन आधी से ज्यादा फसल अभी खेतों में ही है. बारिश से […]

फोटो संख्या 04 से 10 तक परिचर्चा की है. कजरा. रविवार रात बेमौसम बारिश होने से किसानों को फसल बरबाद होने के चिंता सताने लगी है. किसान मायूस हैं. खेतों में सरसों, मसूर, चना, धनिया आदि की फसल को खलिहान लाया गया है. लेकिन आधी से ज्यादा फसल अभी खेतों में ही है. बारिश से भीगने व बाद में धूप में फसलों की छीमियां चटक कर फट जाती हैं. ऐसे में अनाज खेतों में गिर जाते हैं. उन्हें चुनना संभव नहीं हो पाता है और वे बरबाद हो जाते हैं. क्षेत्र के पोखरमा निवासी राधेकृष्ण सिंह, रामसागर सिंह व भूषण सिंह ने बताया कि खेत में सालों भर का कार्य नहीं मिलने के कारण मजदूर रोजी रोटी की तलाश में शहरों में पलायन कर जाते हैं. इससे खेती के समय मजदूरों की कमी होती है. इससे फसल समय पर नहीं कट पाती है. ऐसे में किसान प्रकृतिक प्रकोप के शिकार हो जाते हैं. सिंचाई की बेहतर व्यवस्था हो, तो सालों भर खेती कर कई फसल उपजाई जा सकेगी. मजदूरों का गांवों से पलायन भी रुकेगा. वहीं केशोपुर निवासी परमानंद उर्फ पारो तांती, दिनेश मंडल आदि ने बताया कि अनाज का सही भाव सरकार द्वारा नहीं मिलने के कारण दिन-ब-दिन किसान गरीब होते जाते हैं. फसलों को काट कर शेड में नहीं बल्कि खुले खलिहान में रखने की मजबूरी होती है. वहीं लघु किसानों को खुद से ही फसल काटनी होती है. ऐसे में ससमय कटाई संभव नहीं हो पाता है. महिसोनी के छब्बू सिंह, खैरा के दिनेश सिंह, विद्यानंद सिंह ने कहा कि खेती अब जुआ की तरह हो गया है. सरकार से सामूहिक चबूतरा व शेड युक्त खलिहान बनवाने की मांग की. ताकि असामयिक बारिश से फसल सुरक्षित सह सके.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >