लखीसराय : जिला मुख्यालय के अलावा पूरे जिले में नॉन बैंकिंग कंपनियां समय-समय अपनी शाखाएं खोल कर लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुकी है. आज भी जिले में लगभग दो दर्जन कंपनियों के कार्यालय कार्यरत हैं और इनके एजेंट लोगों से पैसा उगाह रहे हैं.
वर्तमान में कितनी नॉन बैंकिंग कंपनियों ने अपना नेटवर्क फैला रखा है, इसका पता जिला प्रशासन को नहीं है. वरीय उपसमाहर्ता (बैंकिंग) देवेंद्र कुमार ने वित्त सचिव (व्यय)संतोष कुमार मल्ल द्वारा इस संबंध में भेजे गये पत्र के बाद सभी बीडीओ और थानाध्यक्षों से ऐसी सभी कंपनियों की शाखाओं और उनके क्रियाकलापों की रिपोर्ट तलब की है, लेकिन अब तक कहीं से कोई जवाब नहीं आया है. अब उन्हें रिमांडर भेजे जाने की तैयारी की जा रही है. श्री कुमार जिलास्तरीय गैर बैंकिग वित्तीय कोषांग के प्रमुख भी हैं.
2012 में लखीसराय शहर के पचना रोड बैंक कर्मचारी स्वावलंबी को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड नाम से शाखा खुली. जुलाई, 2012 में 317 लोगों के 45,93,830 रुपये समेट कर वह फरार हो गयी. मो हामिद अली ने कवैया थाने में 21 जुलाई, 2012 को कंपनी और उसके एजेंट के विरुद्ध कांड संख्या 276/12 दर्ज कराया गया. पुलिस ने कंपनी के एजेंट मुकेश साव को जेल भेज दिया. अभी अनुसंधान का कार्य चल रहा है.
* जिले में संचालित नॉन बैंकिंग कंपनियां
* प्रयाग ग्रुप, सन्मार्ग विश्वमित्र,रेमल, सन इंडिया, टुवेल्फ, रीयल लीव
– भागनेवाली कंपनियां
कुबेर
हेलियस
बद्रिका
धनवर्षा
