सूर्यगढ़ा : प्रखंड मुख्यालय में सहारा इंडिया, प्रयाग ग्रुप, विश्वामित्र इंडिया परिवार, वैभव परिवार इंडिया प्रोजेक्ट लिमिटेड, बंधन, धनवर्षा क्रेडिट लिमिटेड, रामेल इंडस्ट्रीज सहित आधा दर्जन से अधिक नॉन बैंकिंग कंपनी द्वारा जनता से पैसा उगाही की जा रही है.
राज्य सरकार द्वारा नॉन बैकिंग कंपनी के खिलाफ दिये गये सख्त निर्देश एवं लखीसराय में रामेल इंडस्ट्रीज के कार्यालय को सील एवं चार कर्मियों को जेल भेजे जाने से इन नन बैंकिंग कंपनी में काम करने वाले कर्मियों एवं अभिकर्ताओं में ऊहापोह है.
वैभव परिवार, रामेल इंडस्ट्रीज सहित कुछ नन बैंकिंग कार्यालय के दफ्तर में ताला जड़ा है. यहां तक कि कार्यालय में लगा कंपनी का बोर्ड भी हटा दिया गया है. कपंनी के कर्मी गोपनीय तरीके से जिला प्रशासन द्वारा उठाये जा रहे कदम एवं जांच पड़ताल पर नजर रखे हुए हैं. जमाकर्ता भी संशय की स्थिति में हैं. उन्हें अपने जमाधन की चिंता सता रही है.
जानकारी के मुताबिक सहारा इंडिया की सूर्यगढ़ा शाखा 1991 से ही कार्यरत है तथा उक्त शाखा का मासिक टर्न ओवर एक करोड़ से अधिक है. मालूम हो कि प्रखंड के कोनीपार निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता रामचंद्र मंडल ने 21 जनवरी 2013 को उप महाप्रबंधक गैर बैंकिंग पर्यवेक्षक विभाग भारतीय रिजर्व बैंक पटना को आवेदन देकर सूर्यगढ़ा बाजार में वैभव परिवार इंडिया प्राजेक्ट मिलिटेड नाम से गैर बैंकिंग सेवा की शाखा खोल कर जमा वृद्धि योजना के तहत मोटी लालच देकर लोगों से राशि जमा लेने की शिकायत की थी.
रिजर्व बैंक ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा था कि उक्त कंपनी एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत नहीं है. आरबीआइ पटना के सहायक प्रबंधक राजीव रंजन सिन्हा ने प्रभारी निदेशक सांख्यिकी वित्त निदेशालय पटना को कार्यवाही करने को निर्देश दिया था.
इस बाबत शिकायतकर्ता मंडल ने जिला पदाधिकारी लखीसराय से भी मामले की शिकायत की थी. तब तत्काल वरीय उपसमाहर्ता देवेंद्र प्रसाद ने कंपनी के अस्पताल चौक स्थित शाखा में कागजात की जांच पड़ताल की थी. बाद में बैंक को कार्य की अनुमति दे दी गयी.
