बुधन सिंह हत्याकांड में चार लोगों को आजीवन कारावास

वर्ष 2014 में हुई थी बुधन सिंह की हत्या लखीसराय : जिला व्यवहार न्यायालय के जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट के न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक ने भादवि की धारा 302/34 एवं 27 शास्त्र अधिनियम में विचारण के बाद चार अभियुक्त टुनटुन सिंह, चंदन सिंह ऊर्फ घोलटन, अनंत सिंह व कारू सिंह को आजीवन सश्रम कारावास के […]

वर्ष 2014 में हुई थी बुधन सिंह की हत्या

लखीसराय : जिला व्यवहार न्यायालय के जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट के न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक ने भादवि की धारा 302/34 एवं 27 शास्त्र अधिनियम में विचारण के बाद चार अभियुक्त टुनटुन सिंह, चंदन सिंह ऊर्फ घोलटन, अनंत सिंह व कारू सिंह को आजीवन सश्रम कारावास के साथ ही 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना की सजा सुनायी. वहीं जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त चार माह का कारावास में रहना होगा.
लोक अभियोजक यदुनंदन प्रसाद ने बताया कि घटना भूमि विवाद को लेकर हुआ था, जिसका लखीसराय थाना कांड संख्या 16/14 सत्रवाद संख्या 143/15 सूचिका गुड्डी देवी है. सूचिका गुड्डी देवी दिनांक नौ जनवरी 2014 को अपने पति बुधन सिंह, सास संजू देवी, ननद अनु कुमारी व पुत्र अंकित के साथ कोरिया से लखीसराय बाजार आ रही थी. ज्योंहि कोरिया बगीचा के पास पहुंची कि उसी समय टुनटुन सिंह, चंदन ऊर्फ घोलटन, अनंत सिंह व कारू सिंह ने पति (बुधन सिंह) को घेर लिया. चंदन, कारू व अऩंत ने पकड़ लिया और टुनटुन सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी. न्यायालय ने विचार के बाद धारा 302 व 34 में चारों अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास और 25 हजार का आर्थिक दंड 27 शास्त्र अधिनियम में एक वर्ष की सजा और एक हजार का आर्थिक दंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त सजा सुनायी है. बचाव पक्ष से पूर्व लोक अभियोजक शंभु प्रसाद सिंह थे.

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