खुदाई में पाये गये भग्नावशेषों को जिला प्रशासन को सौंपा

नये स्तर से लाइसेंस मिलने के बाद फिर शुरू होगा खुदाई कार्य लखीसराय : बुद्ध पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की ओर से अवलोकन के साथ ही लाली पहाड़ी का खुदाई कार्य स्थगित हो गया. वहीं मंगलवार को सुबह […]

नये स्तर से लाइसेंस मिलने के बाद फिर शुरू होगा खुदाई कार्य

लखीसराय : बुद्ध पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की ओर से अवलोकन के साथ ही लाली पहाड़ी का खुदाई कार्य स्थगित हो गया. वहीं मंगलवार को सुबह से ही खुदाई कार्य की मॉनेटरिंग कर रहे विश्वभारती शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो अनिल कुमार के नेतृत्व में शोधकर्ताओं एवं खुदाई कार्य में लगी कर्मियों ने खुदाई में पाये गये बौद्ध महाविहार से संबंधित सारे भग्नावशेषों, मूर्तियों, तत्कालीन प्रयुक्त पात्रों आदि को संध्या काल तक सूचीबद्ध किया.
वहीं खुदाई के क्रम में खरीदे गये सामान आदि का बिल को भी पंजीकृत किया गया. खुदाई से प्राप्त अनेकों दुर्लभ अवशेषों को स्थानीय थाना कवैया में पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया.
खुदाई में पाये गये…
वहीं अनेकों भग्नावशेषों को संग्रहालय के अभाव के कारण पहाड़ पर बने रंग मंच के कमरे में रख जिला प्रशासन को सूचित कर दिया गया. जिला प्रशासन की ओर से लाली पहाड़ी पर पुलिस की तत्काल तैनाती कर दी गयी है. प्रो कुमार ने बताया कि सारे प्राप्त धरोहरों कृत कार्रवाई पर भारतीय पुरातत्व विभाग के मुहर लगने के बाद ही खुदाई से संबंधित कागजी कार्रवाई आरंभ किया जायेगा. भारतीय पुरातत्व विभाग से हरी झंडी के उपरांत संबंधित विभागों में आवेदन देकर पुनः खुदाई के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही लाली पहाड़ी के साथ जिला के अन्य क्षेत्रों में भी खुदाई संभव हो पायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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