अब तक सैकड़ों एकड़ जमीन तटबंध के बिना समाई नदी में
सुरजीचक गांव का बचेगा अस्तित्व
मंत्री के निर्देश पर अधिकारियों ने किया निरीक्षण
लखीसराय : किऊल नदी में करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सुरक्षा तटबंध के निर्माण को लेकर मंगलवार को बाढ़ नियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों ने किऊल नदी का निरीक्षण किया. बाढ़ नियंत्रण विभाग भागलपुर के एसडीओ दीपक कुमार, रामपुर मुखिया कुंदन कुमार, सरपंच अविनाश कुमार एवं पूर्व मुखिया रामानुज सिंह के द्वारा किऊल नदी के सुरजीचक गांव से गढ़ी विशनपुर गांव तक अवस्थित नदी किनारे पार्ट का निरीक्षण किया. इस दौरान विभाग के एसडीओ ने कई जगहों का मापी भी कराया. सुरक्षा तटबंध किऊल नदी के गढ़ी विशनपुर मौजा सिमरा किनारे से लेकर सुरजीचक के नव निर्माणाधीन पुल तक निर्माण किया जाना है.
तटबंध के निर्माण हो जाने से किशनपुर, सिमरा, बलीचक एवं सुरजीचक मौजा के सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में समाने से बच जायेगी. बीते 10 दिसंबर को सूबे के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के रामपुर अवस्थित गोविंद स्थान के कार्यक्रम में रामपुर, सिंगारपुर एवं सुरजीचक के सैकड़ों लोगों ने मंत्री से तटबंध बनाने की मांग की थी. जिसके बाद 12 दिसंबर को बाढ़ नियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों को निरीक्षण के लिये भेजने की बात कही गयी. निरीक्षण के दौरान बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम को सुरजीचक के लोगों ने बताया कि किऊल नदी में बाढ़ आ जाने के बाद प्रत्येक साल उन्हें कटाव का दंश झेलना पड़ता है. कटाव के कारण इस गांव के कई लोग दूसरे गांव पलायन भी कर चुके हैं. रामपुर मानो, सिंगारपुर, किशनपुर, गढ़ी विशनपुर के सैकड़ों किसानों की कई एकड़ जमीन किऊल नदी में समा चुकी है. तटबंध बनने पर किसान की जमीन किऊल नदी में समाने से बचेगी ही, इसके साथ ही सुरजीचक गांव का अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा भी दूर हो जायेगा. जल संसाधन मंत्री श्री ललन के इस पहल पर रामपुर, किशनपुर एवं गढ़ी विशनपुर के किसान सहित सुरजीचक निवासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.
