किसान चिंतित. बड़हिया टाल 1064 हेक्टेयर में है फैला
रबी फसल में समय से पूर्व ही फल व फूल लगने
लखीसराय : आधा दिसंबर का महीना बीत रहा है, लेकिन अपेक्षित ठंड नहीं रहने से रबी फसल में ग्रोथ नहीं हो रहा है. जिसके कारण रबी फसल समय से पूर्व ही फल और फूल देने लगा है. जिससे किसान काफी चिंतित हैं. जिले के दाल का कटोरा कहे जाने वाले बड़हिया टाल 1064 हेक्टेयर में फैला है. जिसमें किसानों द्वारा एक मात्र रबी फसल चना,मसूर, केराव, राई, खेसारी आदि फसल का उत्पादन किया जाता है. यही एक फसल पर अन्नदाता किसानों का बेटा बेटी की शादी विवाह, साल भर का जीविकोपार्जन करता है. इस टाल में अक्तूबर, नवंबर मे रबी फसल की बुआई की जाती है और फरवरी मार्च तक दौनी कर अनाज को घर ले जाया जाता है.
इस वर्ष टाल नहीं डूबने से खेत में भरपूर मात्रा में नमी नहीं हुआ. हथिया नक्षत्र में किसानों ने रबी फसल की बुआई की. लेकिन अभी तक ठंड नहीं पड़ने और ना ही कुहासा लगने से रबी फसल का नमी के अभाव में ग्रोथ नहीं हो रहा है. जिसके कारण छोटे पौधे में ही गरमी के कारण फल फूल गिरने लगा है. जिससे किसान को चिंता सताने लगी है.
बोले किसान: टाल के किसान राजो महतो ने कहा कि अभी तक ठंड नहीं गिरने और कुहासा नहीं लगने से रबी फसल पर असामायिक फल फूल गिरने लगा है. अरुण कुमार ने बताया कि इतने वर्षो में पहली बार इस मौसम में जाड़ा नहीं गिरा है. गरमी के कारण रबी फसलों में ग्रोथ तो दूर छोटे पौधे मे गरमी के कारण फल फूल आना शुरु हो गया है. जिससे किसान चिंतित हैं. लुखड़ी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष टाल क्षेत्र में जलजमाव रहने के कारण रबी फसल की बुआई पिछात हुई थी. लेकिन पैदावार अच्छा हुआ था. इस बार टाल नहीं डूबा तो समय पर रबी बुआई हुई. उपर से ठंड और कुहासा नहीं लगने से रबी फसल में वृद्धि नहीं हो रही है. दशरथ सिंह ने कहा कि घोर कलियुग बीत रहा है. दिसंबर माह के बाद भी ठंड नहीं गिर रहा है. जिसके कारण पौधा में ग्रोथ तो नहीं ही हो रहा है उपर से असामायिक फल फूल गिरने लगा है. अमरनाथ सिंह ने बताया कि किसान को सरकार एवं प्राकृतिक मार से त्राहिमाम में है. अनाज की कीमत नहीं, बुआई के बाद प्राकृतिक का साथ नहीं. ऐसी हालत में किसानों के समक्ष आत्महत्या करने के सिवाय कोई चारा नहीं है.
