अस्पताल, मरीजों व स्वाथ्यकर्मियों की समस्याओं से हुए रूबरू
महिलाओं ने चिकित्सकों पर लगाया लापरवाही का आरोप
लखीसराय : जिलाधिकारी अमित कुमार ने सोमवार को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदर अस्पताल का सघन निरीक्षण कर अस्पताल कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये.
100 शैय्या वाले सदर अस्पताल के साथ-साथ सिविल सर्जन कार्यालय, वेयर हाउस, ड्रग गोदाम, एनआरसी, एसएनसीयू, एड्स नियंत्रण केंद्र, ब्लड बैंक के लिए प्रस्तावित जगह, रसोईघर, प्रसव कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी, महिला एवं पुरूष वार्ड सहित अस्पताल के एक-एक कार्यालय का निरीक्षण किया़ लगभग पांच घंटे से भी अधिक समय तक चले निरीक्षण कार्य में सर्वप्रथम डीएम द्वारा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मुकेश कुमार द्वारा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति पंजी समेत अन्य कई तरह के पंजी का अवलोकन कराया गया़
जिसके बाद डीएम ने एक-एक कक्ष का अवलोकन करते हुए अस्पताल के बाहरी परिसर का अवलोकन किया़ जिस दौरान डीएम ने जिला जज के आवास की ओर अस्पताल की चहारदीवारी में बने बड़े छेद को तत्काल बंद कराने, परिसर में उग आये झाड़-झंखाड़ को साफ करने, मुख्य द्वार के सामने गड्ढे में जमा चापाकल का पानी को लेकर सोख्ता बनाने, प्रसव कक्ष से सटे शौचालय निर्माण कराने, महिला व पुरुष वार्ड में चादर बदलने, एसएनसीयू के समक्ष शेड लगाने, 100 शैय्या अस्पताल के तीसरी मंजिल तक पहुंचने में रोगियों को होने वाली परेशानी को लेकर नहीं लगाये जाने संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाये जाने का निर्देश दिया गया़ वहीं बेकार पड़े जीर्ण-शीर्ण यक्ष्मा केंद्र भवन को केयर इंडिया को सुपुर्द किया जाना है़ इन सभी कार्यों को लेकर भवन निर्माण विभाग के पास प्रस्ताव भेजने को कहा गया़ सिविल सर्जन कार्यालय में आरओ पेयजल की व्यवस्था हरने, सभी कार्यालय कक्ष के दरवाजे पर अधिकारी का नेम प्लेट लगाने, चिकित्सकों एवं कर्मियों को पोशाक में रहकर पहचान पत्र साथ रखने का निर्देश दिया गया़
डीएम के निरीक्षण के दौरान ओटी के समक्ष उपस्थित बंध्याकरण को आयी महिलाओं के परिजनों ने चिकित्सक, उत्प्रेरक पर लापरवाही बरतने की शिकायत की. लगातार तीन दिन से बेहोशी या निर्जीव बनाये जाने की दवा उपलब्ध नहीं रहने का बहाना बनाकर इन महिलाओं को लौटा दिया जा रहा था़
डीएम के रूख को भांपते हुए चंद मिनटों में उसे दवा उपलब्ध कराकर बंध्याकरण ऑपरेशन का कार्य प्रारंभ किया गया. इसी दौरान जिले के करारी पिपरिया गांव से प्रसव को लेकर पहुंची महिला चंदा देवी ने दर्द के बावजूद रविवार से ही किसी चिकित्सक द्वारा चेकअप नहीं किये जाने का भी आरोप लगाया़ डीएम ने शिकायत को गंभीर बताते हुए अविलंब चिकित्सकीय कार्रवाई प्रारंभ किये जाने का निर्देश दिया़ यह मामला एक बार पुन: तीसरी मंजिल पर चल रही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का पूर्ण प्रसव पूर्व जांच कार्य के दौरान सामने आया़ जिसपर महिला चिकित्सक डॉ संगीता ने विभिन्न जांच चलने की बात कही.
डीएम के निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कार्य भुगतान के अभाव विगत 16 अक्तूबर से बंद होने की सूचना एक्स-रे कक्ष के दरवाजे पर लगा हुआ पाया़ इस संबंध में डीएम ने विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने निर्देश दिया़ ब्लड बैंक प्रशाल के निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल में सभी संसाधन उपलब्ध हो जाने का रिपोर्ट कलकता नहीं भेजे जाने का मामला प्रकाश में आया़ ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा जांच रिपोर्ट दिये जाने पर ही ब्लड बैंक का संचालन प्रारंभ हो सकता है़ रेड क्रास सोसाइटी को जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा संचालन को लेकर एनओसी दिया जा चुका है़
रसोईघर की दुर्दशा एवं चेंजिंग रूम में पर्दा नहीं रहने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जतायी है़ डीएम ने मरीजों को खाना तैयार करने वाले कीचेन में टूटी-फुटी फ्रिज देख नाराजगी व्यक्त कर कीचेन में ही सिंक लगाने, खिड़की में जाली, बेसिन, स्लैब् आदि की व्यवस्था करने को कहा़
निरीक्षण कार्यों के उपरांत पंजी, बेड एवं चादर की खरीदारी, मरीजों के भोजन व्यवस्था का रिपोर्ट पंजी आदि का काफी देर तक डीएस के कार्यालय कक्ष में बैठ अवलोकन किया़ इस संबंध में डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या से अवगत होकर उचित कदम उठाये जायेंगे. जिन कार्यों को लेकर स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही मिलेगी, उसपर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.
