किशनगंज से सटे भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत रविवार को विशेष रैली आयोजित की गई. यह रैली भारत-नेपाल सीमा स्थित पानीटंकी से शुरू होकर नक्सलबाड़ी होते हुए मिरिक लेक स्थित डॉन बॉस्को स्कूल तक पहुंची. रैली के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को मानव तस्करी के दुष्परिणामों और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया.
सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को किया गया जागरूक
पूरे मार्ग में रैली में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने स्थानीय लोगों को मानव तस्करी के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया. लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
एसएसबी ने सामाजिक भागीदारी पर दिया जोर
इस अवसर पर उप-कमांडेंट धीरज पवार ने कहा कि मानव तस्करी आज भी समाज के सामने गंभीर चुनौती बनी हुई है. अपराधी बेरोजगारी, गरीबी और लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल सुरक्षा बलों का प्रयास पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है.
'सेवा, सुरक्षा एवं बंधुत्व' के तहत चल रहा अभियान
उप-कमांडेंट ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल अपने मूल मंत्र "सेवा, सुरक्षा एवं बंधुत्व" के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार मानव तस्करी विरोधी अभियान चला रहा है. उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि मानव तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम एसएसबी चौकी या पुलिस को तुरंत दें, ताकि अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हो सके.
भारत और नेपाल के अधिकारियों की रही भागीदारी
रैली का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं, महिलाओं और अभिभावकों को मानव तस्करी के प्रति जागरूक करना तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना था. कार्यक्रम में नेपाल एपीएफ के डीएसपी बिकाश थापा, नेपाल पुलिस के डीएसपी निशेष चापागाई, सेवा केंद्र सिलीगुड़ी के निदेशक फादर नरेश बेक, एडवोकेसी अधिकारी तेज कुमार थापा, भारत-नेपाल मीडिया समन्वयक प्रशांत आचार्य, बीएसएफ एएचटीयू राधाबाड़ी के निरीक्षक दिलीप कुमार, गोरखा एम्पावर फाउंडेशन के चंदन शितौला, रॉयल एनफील्ड राइडर्स कॉर्नर के संदीप कुमार चौधरी, एसएसबी के अधिकारी-जवान, सेवा केंद्र के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.
