ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी महिला की हालत, परिजनों ने किया हंगामा
ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी महिला की हालत, परिजनों ने किया हंगामा
ट्यूमर का ऑपरेशन करने के लिए पेट चीरा, आंत फंसी देख बिना ऑपरेशन किए ही कर दी सिलाई, सिविल सर्जन बोले – होगी जांच
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के भोटाथाना-सतबोलिया सड़क स्थित ख्वाजा गरीब नवाज नर्सिंग होम छत्तरगाछ में मंगलवार की शाम को परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया. दरअसल, नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान एक महिला मरीज की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गयी, जिससे परिजनों का गुस्सा उग्र हो गया. हंगामा बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया.
ट्यूमर बताकर 31 हजार रुपये में तय हुआ था ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, छत्तरगाछ पंचायत के इन्दरपुर बलासन (वार्ड संख्या-9) निवासी कृष्णा प्रसाद की 40 वर्षीया पत्नी गीता देवी की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. परिजन उन्हें पहले छत्तरगाछ रेफरल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. इसके बाद परिजन उन्हें ख्वाजा गरीब नवाज चैरिटेबल नर्सिंग होम ले गए. नर्सिंग होम के संचालक मोहम्मद सरफराज आलम के कहने पर किशनगंज ले जाकर मरीज का अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराया गया. रिपोर्ट देखने के बाद संचालक ने महिला के पेट में ट्यूमर होने की बात कही और सफल ऑपरेशन का भरोसा दिलाकर 31 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया. परिजनों का आरोप है कि वे मरीज को बेहतर इलाज के लिए किशनगंज ले जाना चाहते थे, लेकिन संचालक ने उन्हें झांसे में रखकर वहीं भर्ती कर लिया.
पेट चीरकर बिना ऑपरेशन किये ही कर दी सिलाई
परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम किशनगंज से बुलाए गए एक डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन जैसे ही पेट चीरा गया, डॉक्टर ने देखा कि महिला की आंत ट्यूमर में फंसी हुई है. इसके बाद चिकित्सक ने बिना ऑपरेशन किए ही पेट की सिलाई कर दी व वहां से चुपचाप चले गए. जब मरीज की हालत और बिगड़ने लगी, तो परिजनों के सब्र का बांध टूट गया. उन्होंने अस्पताल परिसर के बाहर घंटों हंगामा किया और डॉक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए.
पुलिस व जनप्रतिनिधियों ने शांत कराया मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही छत्तरगाछ पुलिस कैंप से एसआई रविदास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया. इस दौरान छत्तरगाछ पंचायत के मुखिया अबुल कासिम समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद वे मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन संचालक ने मरीज को ले जाने से मना कर दिया.
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं थी बात : संचालक
नर्सिंग होम के संचालक मोहम्मद सरफराज आलम ने अपनी सफाई में कहा कि अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट नहीं थी कि आंत ट्यूमर में फंसी हुई है. फिलहाल मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा रही है और उसका इलाज जारी है. वहीं, छत्तरगाछ पंचायत के वार्ड संख्या-2 के वार्ड सदस्य संजीव लाल उर्फ कीना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस नर्सिंग होम में न तो आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं हैं और न ही योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संचालक पर कार्रवाई करने और नर्सिंग होम को अविलंब बंद कराने की मांग की है.
अवैध नर्सिंग होम के झांसे में न आएं लोग, होगी कार्रवाई : सिविल सर्जन
इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि यह पूरा प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है. जिले और प्रखंड के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं. लोगों को निजी व अवैध नर्सिंग होम के झांसे में आने से बचना चाहिए और सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराना चाहिए. उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले की पूरी जांच करायी जाएगी व दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.