किशनगंज में रविवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. करीब 12 बजे के बाद आसमान में काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई. बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन कुछ ही देर की तेज बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया. वहीं आंधी के कारण पेड़ और टहनियां बिजली तारों पर गिरने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में तीन से चार घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही.
दोपहर में अचानक बदला मौसम का मिजाज
रविवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद अचानक आसमान में काले बादल छाने लगे. देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. बारिश के कारण मौसम सुहाना हुआ और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली. हालांकि तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या भी सामने आ गई.
कई प्रमुख सड़कों पर जमा हुआ पानी
बारिश के बाद रुईधासा मिशन रोड स्थित काली मंदिर के समीप, रेलवे मालगोदाम रोड, बस स्टैंड ओवरब्रिज के पास, धरमगंज और पश्चिमपाली चौक समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया. इससे राहगीरों, बाइक चालकों और ई-रिक्शा चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नालियों की नियमित और समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता है. इसके चलते हल्की या तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़क पर जलजमाव की स्थिति बन जाती है.
पेड़ गिरने से तीन घंटे से अधिक बाधित रही बिजली
तेज आंधी के कारण रुईधासा मुख्य सड़क समेत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गईं. इसके कारण कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई. रुईधासा और आसपास के क्षेत्रों में तीन से चार घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
मरम्मत में जुटी रहीं विद्युत विभाग की टीमें
विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता विशाल चौधरी ने बताया कि आंधी के बाद कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने और टहनियां गिरने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गईं. टीमों ने क्रेन और कटर की मदद से पेड़ एवं टहनियां हटाईं और क्षतिग्रस्त बिजली तारों की मरम्मत शुरू की. इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से विद्युत आपूर्ति बहाल की गई.
जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत
अचानक हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति भी सामने ला दी. स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने नालियों की नियमित सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की, ताकि बारिश के दौरान प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की समस्या कम हो सके.
