'हमें वादा नहीं, पुल चाहिए' — चिलचिलाती धूप में 5 KM पैदल चलकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे हारोभीटा के ग्रामीण, बच्चों संग दिया धरना

हारोभीटा के ग्रामीणों का वर्षों पुराना पुल निर्माण की मांग को लेकर सब्र का बांध टूट गया. भीषण गर्मी की परवाह किए बिना, स्कूली बच्चों की अगुवाई में ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि वादे नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए.

सीमावर्ती ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल गांव हारोभीटा के ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया. भीषण गर्मी, तपन और चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना वर्षों पुरानी पुल निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को पूरे गांव का जनसैलाब सड़क पर उतर आया. आंदोलन की कमान गांव के स्कूली बच्चों ने संभाली, जिनके पीछे महिलाएं, बुजुर्ग और किसान कदम से कदम मिलाकर चले. करीब पांच किलोमीटर की पदयात्रा कर सैकड़ों ग्रामीण ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए.

नंगे पांव व स्कूल ड्रेस में बच्चों ने उठाई आवाज

धरना प्रदर्शन के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब दिखा जब मासूम बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर आंदोलन की पहली कतार में खड़े दिखे:

  • जोखिम में पढ़ाई और जान: बच्चों ने प्रशासन से सवाल किया कि मानसून आते ही नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं और गांव का संपर्क टूट जाता है. पढ़ाई बाधित होती है और उन्हें जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है.
  • महिलाओं व बुजुर्गों का संबल: पसीने से तरबतर बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए गांव की महिलाएं और बुजुर्ग भी 5 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर मुख्यालय पहुंचे.

"चारपाई पर ले जाने पड़ते हैं मरीज, हर बार मिलता है धोखा"

ग्रामीणों ने प्रशासनिक उपेक्षा पर अपना दर्द बयां करते हुए बताया:

  • स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव: पुल न होने से बरसात के दिनों में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को चारपाई (खाट) पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है.
  • चुनावी वादों से तंग: महिलाओं का कहना था कि हर चुनाव में नेता पुल बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही वादे हवा हो जाते हैं.

प्रदर्शन का असर: BDO और CO ने गांव पहुंचकर किया निरीक्षण

ग्रामीणों के उग्र और अनुशासित प्रदर्शन को देखते हुए प्रखंड प्रशासन हरकत में आया:

  • ज्ञापन सौंपा: ग्रामीणों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि केवल आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहिए.
  • अधिकारियों की दबिश: धरना समाप्त होते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचलाधिकारी (CO) प्रशासनिक टीम के साथ हारोभीटा गांव पहुंचे. उन्होंने प्रस्तावित पुल स्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

विधायक की पहल पर पोर्टल पर अपलोड हुआ प्रस्ताव

स्थानीय विधायक गोपाल अग्रवाल ने भी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहल की है:

  • संचालन समिति में उठाया मुद्दा: विधायक ने जिला संचालन समिति की बैठक में इस पुल के निर्माण की अनुशंसा की थी.
  • सर्वे आईडी सृजित: विधायक की पहल पर ग्रामीण कार्य विभाग (कार्य प्रमंडल किशनगंज-2) ने प्रस्ताव को हैबिटेशन सर्वे पोर्टल पर अपलोड कर सर्वे आईडी (Survey ID) जनरेट कर दी है. हालांकि, निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए अभी विभागीय फंड आवंटन का इंतजार है.

ग्रामीणों की चेतावनी: ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए है. यदि जल्द ही पुल निर्माण की दिशा में ठोस वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली, तो आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा.


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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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