एसएसबी ने युवाओं को दिया मोबाइल रिपेयिंग का प्रशिक्षण

भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारो में भी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सराहनीय भूमिका निभा रहा है

– गांव के 30 ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया दिघलबैंक भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारो में भी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सराहनीय भूमिका निभा रहा है. इसी कड़ी में रविवार को एसएसबी 12वीं वाहिनी के एफ समवाय दिघलबैंक द्वारा वाइब्रेंट विलेज (जीवंत गांव) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय नागरिक कल्याण कार्यक्रम का समापन किया गया. यह कार्यक्रम 10 दिसंबर से टप्पू गांव में संचालित किया गया था, जिसमें मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स के माध्यम से गांव के 30 ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप कमांडेंट सुस्वपन कुंडू ने की. समापन समारोह के अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षार्थियों को पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उप कमांडेंट श्री कुंडू ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे है. इससे न सिर्फ रोजगार के नए अवसर सृजित होते है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का भी मार्ग प्रशस्त होता है. स्थानीय ग्रामीणों ने एसएसबी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ विकास और रोजगार को लेकर एसएसबी का यह प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है. कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक कमांडेंट प्रिय रंजन चकमा सहित एफ समवाय के जवानों की सक्रिय भूमिका रही. एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ऐसे नागरिक कल्याण कार्यक्रम सीमावर्ती इलाकों में विश्वास, विकास और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत कर रहे है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >