किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं: डीएम

सरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर बिचौलियों और निजी संस्थानों की मिलीभगत पर अब सीधा प्रहार शुरू हो गया है

सरकारी अस्पताल में बिचौलियों पर शिकंजा कसने डीएम ने किया निरीक्षण

किशनगंज

सरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर बिचौलियों और निजी संस्थानों की मिलीभगत पर अब सीधा प्रहार शुरू हो गया है. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाला हर मरीज बिना किसी दबाव, प्रलोभन और भटकाव के निःशुल्क व गुणवत्तापूर्ण इलाज पाए. इसी कड़ी में गुरूवार को जिलाधिकारी विशाल राज द्वारा सदर अस्पताल किशनगंज का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायज़ा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निजी नर्सिंग होम, निजी जांच घर, एक्स-रे सेंटर अथवा दवा दुकानों की ओर मोड़ना गंभीर अपराध है. ऐसे मामलों में न केवल संबंधित निजी संस्थानों बल्कि इसमें संलिप्त सरकारी कर्मियों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.इसी निर्देश के अनुपालन में जिलाधिकारी विशाल राज ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, जांच इकाइयों और दवा वितरण व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया.

सदर अस्पताल का गहन निरीक्षण, व्यवस्थाओं की परख

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, इलाज प्रक्रिया की जानकारी ली. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सेवाएं पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी विशाल राज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पताल गरीब और आम लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं. यहां इलाज के नाम पर किसी भी तरह का शोषण, दलाली या निजी संस्थानों की तरफ मरीजों को मोड़ना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि किसी भी स्तर पर बिचौलियों या संलिप्त कर्मियों की पहचान होती है, तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई तय है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है और नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए जिला स्तर पर निरीक्षण दल गठित कर निरंतर निगरानी की जा रही है.

निगरानी तंत्र मजबूत, एटीआर की होगी समीक्षा

राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला स्तर पर निरीक्षण दल और नोडल पदाधिकारी की व्यवस्था की गई है, जो नियमित निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा करेंगे. की गई कार्रवाई की सूचना के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी, ताकि दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि सदर अस्पताल में जिला पदाधिकारी का यह निरीक्षण साफ संकेत देता है कि अब स्वास्थ्य व्यवस्था में बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं है.

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Author: DHIRAJ KUMAR

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