ट्रेन मार्ग बना शराब तस्करों की पहली पसंद, ठाकुरगंज स्टेशन पर लावारिस बोरे से विदेशी शराब बरामद

Thakurganj Station Foreign Liquor Seized: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच तस्करों ने अब रेल मार्ग को अपना नया सेफ रूट बना लिया है. ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त छापेमारी में यात्री शेड के नीचे से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई है, जिसे तस्कर पुलिस को देखकर लावारिस छोड़ भागे.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Thakurganj Station Foreign Liquor Seized: बिहार में कड़े शराबबंदी कानून के बावजूद सीमावर्ती इलाकों में धंधेबाजों के हौसले बुलंद हैं. सड़क मार्ग पर पुलिस की बढ़ती चौकसी के बाद अब तस्करों ने रेल मार्ग को तस्करी का सबसे मुफीद जरिया बना लिया है. इसका ताजा और बड़ा खुलासा शनिवार को किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर हुआ. यहाँ आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की संयुक्त गश्ती टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर बने यात्री शेड के पास से भारी मात्रा में लावारिस हालत में रखी विदेशी शराब की खेप बरामद की है.

बोरे से मिली 11.9 लीटर विदेशी शराब

स्टेशन परिसर से हुई इस बरामदगी और कार्रवाई से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं. सुरक्षा बलों को शनिवार को नियमित जांच के दौरान यात्री शेड के पास एक संदिग्ध बोरा दिखाई दिया.

जब पुलिस ने उसे लावारिस पाकर उसकी बारीकी से तलाशी ली, तो उसमें से विभिन्न महंगे ब्रांडों की कुल 11.9 लीटर विदेशी शराब (Foreign Liquor) बरामद की गई. पुलिस की भनक लगते ही शराब को ठिकाने लगाने आया तस्कर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गया, जिसके कारण मौके पर किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.

पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा होने का मिल रहा फायदा

रेलवे के खुफिया सूत्रों की मानें तो ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन भौगोलिक रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों (नॉर्थ-ईस्ट) को जोड़ने वाले मुख्य रेल रूट पर स्थित है. बंगाल में शराब पर कोई पाबंदी न होने के कारण तस्कर वहाँ से आसानी से शराब खरीदते हैं.

इसके बाद वे लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों की सामान्य बोगियों में यात्रियों के सामान के बीच शराब छिपाकर बिहार की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं. तस्करों का नेटवर्क इतना शातिर है कि वे पकड़े जाने के डर से अक्सर माल को स्टेशन या रेलवे ट्रैक के किनारे ही अपने लोकल गुर्गों के सुपुर्द कर देते हैं.

सुरक्षा एजेंसियों के लिए खड़ी हुई बड़ी चुनौती

ठाकुरगंज स्टेशन पर हुई इस ताजा बरामदगी ने रेल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के दावों की पोल खोलते हुए उनके सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. लगातार मिल रही कामयाबी और बरामदगियां साफ संकेत दे रही हैं कि ट्रेनों में चेकिंग के बावजूद तस्कर आसानी से शराब की खेप लेकर सफर कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठाकुरगंज और इसके आसपास के छोटे हॉल्ट व स्टेशनों पर चेकिंग सख्त नहीं की गई, तो रेल मार्ग पूरी तरह से शराब की सप्लाई लाइन में बदल जाएगा.

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Thakurganj Station Foreign Liquor Seized: सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी जीआरपी

इस कार्रवाई के बाद जीआरपी थाना पुलिस ने बरामद शराब को कानूनी रूप से जब्त कर मद्यनिषेध अधिनियम के तहत अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

थाना पुलिस ने बताया कि स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि संदिग्ध बोरा रखने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके. रेल पुलिस ने दावा किया है कि बहुत जल्द तस्कर को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और ट्रेनों में विशेष चेकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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