आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करने तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. आगामी 05 अगस्त को किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड की चार विभिन्न पंचायतों में विशेष 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए संयुक्त आदेश जारी कर वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है.
इन 4 पंचायतों में लगेंगे विशेष सहयोग शिविर
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ठाकुरगंज प्रखंड की निम्नलिखित पंचायतों और स्थलों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे:
- सखुआडाली पंचायत: सखुआडाली पंचायत भवन
- पटेश्वरी पंचायत: पटेश्वरी पंचायत सरकार भवन
- बन्दरझूला पंचायत: बन्दरझूला पंचायत भवन
- डुमरिया पंचायत: डुमरिया पंचायत भवन
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे राजस्व, योजना या शिकायत संबंधी कार्यों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े और उनके आवेदनों का निस्तारण गांव में ही संभव हो सके.
इन वरीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
शिविर के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए जिला स्तर के वरीय अधिकारियों को अलग-अलग पंचायतों का नोडल/अध्यक्ष बनाया गया है:
- सखुआडाली पंचायत: जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अक्षय वट तिवारी
- पटेश्वरी पंचायत: वरीय उप समाहर्ता स्मृति कुमारी
- बन्दरझूला पंचायत: अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मो. इरफान आलम
- डुमरिया पंचायत: अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) गिरिजेश कुमार
इन वरीय पदाधिकारियों के साथ प्रखंड एवं अंचल (अंचल अधिकारी व बीडीओ) स्तर के विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे ताकि प्राप्त आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति
शिविर स्थल पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों की भी संयुक्त तैनाती की गई है. इससे प्रशासनिक और पुलिस से संबंधित मामलों का एक ही स्थान पर पारदर्शी हल निकाला जा सकेगा.
जिला प्रशासन की ग्रामीणों से अपील
जिला प्रशासन ने प्रतिनियुक्त सभी अधिकारियों को 5 अगस्त को समय पर शिविर स्थल पर उपस्थित रहने और पूरी संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याएं सुनने का सख्त निर्देश दिया है. साथ ही, प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे 5 अगस्त को अपने-अपने पंचायत भवन पहुंचकर विभिन्न योजनाओं के आवेदन, शिकायतें और समस्याएं प्रस्तुत कर इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
