ठाकुरगंज हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, बच्चों समेत एक ही परिवार के 7 लोग घायल

Thakurganj Road Accident: अररिया से सिलीगुड़ी घूमने निकले एक ही परिवार के सात लोग बहादुरगंज-ठाकुरगंज एनएच-327ई (NH-327E) पर सड़क हादसे का शिकार हो गए. सालगुड़ी के समीप अचानक ब्रेक लगाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे कार के अनियंत्रित होकर टकराने से तीन बच्चों समेत परिवार के सभी लोग लहूलुहान हो गए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Thakurganj Road Accident: सीमांचल को उत्तर बंगाल से जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर रफ्तार और असावधानी का एक और दर्दनाक नतीजा सामने आया है. अररिया जिला प्रक्षेत्र से अपनी छुट्टियां बिताने और घूमने के उद्देश्य से कार द्वारा सिलीगुड़ी जा रहे एक परिवार का खुशियों भरा सफर मंगलवार को अचानक चीख-पुकार में बदल गया. बहादुरगंज-ठाकुरगंज राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-327ई पर सालगुड़ी गांव के समीप एक तेज रफ्तार कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच भीषण भिड़ंत हो गई. इस दुस्साहसिक सड़क दुर्घटना में तीन मासूम बच्चों और महिलाओं सहित एक ही परिवार के सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया.

अचानक ब्रेक लगने से हुआ हादसा; मसीहा बने स्थानीय ग्रामीण

  • ट्रैक्टर चालक की लापरवाही: हाईवे पर कमान संभाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि परिवार की निजी कार अपने सही ट्रैक पर सिलीगुड़ी की तरफ बढ़ रही थी. इसी दौरान आगे चल रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने बिना कोई इंडिकेटर या सिग्नल दिए अचानक बीच सड़क पर ही कड़क ब्रेक लगा दिया.
  • नियंत्रण खो बैठी कार: पीछे चल रही कार की रफ्तार तेज होने के कारण चालक चाहकर भी वाहन पर नियंत्रण संधारित नहीं कर सका और कार सीधे ट्रॉली के पिछले हिस्से में जा घुसी. दुर्घटना होते ही कार के भीतर से बच्चों और महिलाओं के रोने-चीखने की आवाजें आने लगीं.
  • मानवता का परिचय: चीख-पुकार सुनकर सालगुड़ी के कनिष्ठ व वरिष्ठ ग्रामीण मुस्तैदी के साथ मौके पर दौड़े. ग्रामीणों ने तत्काल कमान संभालते हुए कार के दरवाजों को कटर और पारंपरिक कड़ियों से तोड़कर लहूलुहान पड़े सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला.

नियाज हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार; 3 गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर

“सड़क हादसे में कुल 4 वयस्क और 3 बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय नागरिकों की मदद से तत्काल ठाकुरगंज के ‘नियाज हॉस्पिटल’ पहुंचाया गया. अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी घायलों का ऑन-स्पॉट प्राथमिक उपचार संधारित किया. हालांकि, तीन मरीजों के सिर और सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें होने के कारण उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक संबल के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया है, जबकि शेष 4 घायलों का इलाज यहीं वार्ड में चल रहा है.”

हाईवे पर सेफ्टी कड़ियों की अनदेखी पड़ रही भारी; अफरा-तफरी का माहौल

इस भीषण टक्कर के बाद एनएच-327ई पर कुछ समय के लिए वाहनों के पहिये थम गए और इलाके में पूरी तरह अफरा-तफरी का माहौल संधारित रहा. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के कनिष्ठ पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाया और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया.

यातायात विशेषज्ञों और प्रबुद्ध कप्तानों का मानना है कि यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित दूरी (Safe Distance) न बनाए रखने और कृषि वाहनों की अवैध रफ्तार के कारण हुआ है. हाईवे पर वाहनों के बीच उचित दूरी की कड़ियां कमजोर होने से ऐसी अप्रत्याशित स्थितियों में संभलने का मौका शून्य हो जाता है. फिलहाल हादसे की खबर सुनते ही अररिया से घायलों के अन्य परिजन ठाकुरगंज के लिए रवाना हो चुके हैं और सभी की सलामती की दुआ कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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