गलगलिया-अररिया रेलखंड का एनएफआर महाप्रबंधक ने किया विंडो निरीक्षण: ठाकुरगंज स्टेशन पर ट्रेन से नीचे नहीं उतरे जीएम, मायूस होकर लौटे रेल संगठनों के नेता

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के महाप्रबंधक (जीएम) द्वारा शुक्रवार को सामरिक और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण गलगलिया - अररिया रेलखंड का सघन विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया. महाप्रबंधक के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भारी प्रशासनिक चहल-पहल देखी गई, हालांकि जीएम के ट्रेन से नीचे न उतरने के कारण अपनी मांगों को लेकर घंटों प्रतीक्षा करने वाले विभिन्न रेल संगठनों के प्रतिनिधियों को अंततः मायूस होना पड़ा.

साढ़े 11 बजे ठाकुरगंज पहुंची स्पेशल ट्रेन, डीआरएम भी रहे मौजूद

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक का निरीक्षण विशेष ट्रेन (Inspection Special Train) शुक्रवार की सुबह ठीक 11:30 बजे ठाकुरगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची. इस उच्चस्तरीय निरीक्षण ट्रेन में महाप्रबंधक के साथ कटिहार रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सहित कई सीनियर सेक्शन इंजीनियर और मुख्य विभागाध्यक्ष भी मौजूद रहे.

विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के तय मानकों के तहत महाप्रबंधक ट्रेन से नीचे नहीं उतरे. उन्होंने चलती और धीमी गति की ट्रेन की खड़की से ही ठाकुरगंज स्टेशन परिसर, रेल ट्रैक की ज्योमेट्री, सिग्नलिंग प्रणाली, ओवरहेड इक्विपमेंट और अन्य महत्वपूर्ण रेल संरचनाओं का बारीकी से जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दर्ज किए.

ज्ञापन सौंपने की आस में खड़े रहे प्रतिनिधि, हाथ लगी निराशा

जीएम के ठाकुरगंज आगमन की पूर्व सूचना को लेकर विभिन्न स्थानीय समस्याओं और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर कई रेल संगठनों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और जन-प्रतिनिधि सुबह से ही हाथों में ज्ञापन (मांग पत्र) लेकर स्टेशन पर डटे हुए थे.

संगठनों द्वारा उठाए जाने वाले मुख्य स्थानीय मुद्दे:

  • यात्री सुविधाओं का विस्तार: ठाकुरगंज स्टेशन पर प्लेटफॉर्म शेड का दायरा बढ़ाने, अत्याधुनिक पेयजल व्यवस्था और सुदृढ़ टिकट काउंटर की व्यवस्था.
  • ट्रेनों का ठहराव: सीमांचल के यात्रियों की सुविधा के लिए इस मार्ग से गुजरने वाली कई एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के ठाकुरगंज में ठहराव (Stoppage) की मांग.
  • अमृत भारत स्टेशन योजना: स्थानीय नागरिकों को उम्मीद थी कि जीएम स्टेशन पर रुककर केंद्र सरकार की ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा करेंगे.

परंतु, विशेष ट्रेन के बिना रुके आगे बढ़ जाने से नेताओं को सीधे जीएम को ज्ञापन सौंपने का अवसर नहीं मिल सका, जिससे स्थानीय लोगों में थोड़ी मायूसी देखी गई.

कनीय अधिकारियों को सौंपा गया मांग पत्र, त्वरित कार्रवाई का भरोसा

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ‘विंडो निरीक्षण’ एक अत्यंत व्यस्त और तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें मुख्य रूप से चलती ट्रेन से ट्रैक की सुरक्षा, गति क्षमता, परिचालन संरक्षा और तकनीकी कमियों का ऑन-स्पॉट अवलोकन किया जाता है, जिसके कारण स्टेशनों पर ठहराव का शेड्यूल नहीं होता है.

महाप्रबंधक के सीधे न मिलने के बाद, उपस्थित रेल संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधियों ने स्टेशन पर मौजूद कटिहार रेल मंडल के कनीय पदाधिकारियों (जूनियर अधिकारियों) को अपना मांग पत्र सौंपा. अधिकारियों ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि इस आवेदन पत्र को नियमानुसार विचारार्थ और आवश्यक कार्रवाई के लिए महाप्रबंधक कार्यालय तथा कटिहार डीआरएम के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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