11.22 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

11.22 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जा रही है एल्बेंडाजोल की गोली, छूटे हुए बच्चों के लिए 30 मार्च को आयोजित होगा मॉप-अप दिवस

किशनगंज. बच्चों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास को बाधित करने वाले कृमि संक्रमण के विरुद्ध जिले में व्यापक जंग शुरू हो गयी है. बुधवार को स्थानीय बालिका उच्च विद्यालय से सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बालिकाओं को कृमिनाशक दवा खिलाकर ”राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया. इस दौरान बच्चों को इस अदृश्य समस्या से लड़ने व दवा के महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया.

11 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

डीसीएम सुमन सिन्हा ने जानकारी दी कि जिले में इस अभियान के तहत कुल 11,22,477 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह दवा सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क दी जा रही है. जो बच्चे आज किसी कारणवश दवा नहीं ले पाए हैं, उनके लिए 30 मार्च को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा, ताकि जिले का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे.

आयु के अनुसार दी जा रही है खुराक

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने दवा की खुराक और तरीके के बारे में विस्तार से बताया. कहा कि एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली (200 एमजी) पीसकर या कुचलकर. दो से 19 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली (400 एमजी) चबाकर या पानी के साथ खिलाया जाये. उन्होंने स्पष्ट किया कि एल्बेंडाजोल की यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है. इसे शिक्षकों व स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में ही दिया जा रहा है. दवा को सही तरीके से लेना अनिवार्य है ताकि इसका पूर्ण लाभ मिल सके.

अधिकारियों ने संभाली कमान, क्षेत्रों में हुआ निरीक्षण

अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले के आला अधिकारी सक्रिय रहे. बालिका उच्च विद्यालय में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार व जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ मुनाजिम उपस्थित रहे. वहीं, डीसीएम सुमन सिन्हा ने बहादुरगंज एवं दिघलबैंक प्रखंडों का दौरा कर दवा वितरण की प्रक्रिया व व्यवस्थाओं का जायजा लिया. जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के स्थानीय विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को दवा खिलायी.

सीएस ने की सामूहिक भागीदारी की अपील

सिविल सर्जन ने अभिभावकों व शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को कुपोषण व कमजोरी से बचाने के लिये यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है. यदि एक भी बच्चा छूट जाता है, तो संक्रमण का खतरा बना रहता है. अतः इसे एक सामूहिक संकल्प के रूप में लेते हुए हर बच्चे को दवा खिलाना सुनिश्चित करें.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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