Kishanganj News: किशनगंज. पोठिया प्रखंड के तैयबपुर की रहने वाली बाल लेखिका संस्कृति चौधरी की चर्चित पुस्तक "शरारती बंदर मंकु" अब बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों के पुस्तकालयों में पहुंच गई है. रोचक एवं शिक्षाप्रद शैली में लिखी गई इस पुस्तक को विद्यालयों में बच्चे उत्साहपूर्वक पढ़ रहे हैं.
10 वर्ष की उम्र में बनाई अलग पहचान
संस्कृति चौधरी ने मात्र 10 वर्ष की आयु में अपनी लेखन प्रतिभा से विशेष पहचान बनाई है. उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है. कम उम्र में अब तक वह तीन पुस्तकों का लेखन कर चुकी हैं, जो बाल साहित्य के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
बच्चों को पसंद आ रही पुस्तक
विद्यालयों में पुस्तक उपलब्ध होने के बाद बच्चे इसे रुचि के साथ पढ़ रहे हैं. पुस्तक की सरल भाषा, रोचक कथानक और प्रेरणादायक संदेश के कारण विद्यार्थियों में इसके प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
बाल साहित्य को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षाविदों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों के पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकों की उपलब्धता से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित होगी और बाल साहित्य को भी नई पहचान मिलेगी. संस्कृति चौधरी की सफलता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है.
क्या बोले बीईओ
Kishanganj News: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) विजय कुमार ने बताया कि बाल लेखिका संस्कृति चौधरी की चर्चित बाल कहानी पुस्तक "शरारती बंदर मंकु" बिहार के सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में पठन-पाठन के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण बाल साहित्य पढ़ने का अवसर मिलेगा.
